समर्थन के बदले नरेंद्र मोदी से मांग लेते नौकरी, सचिन पायलट ने नीतीश कुमार पर छोड़े तीर

पायलट ने कहा कि दिल्ली और पटना की सरकारों ने नौजवानों को जगह नहीं दी. नौकरी प्रक्रिया चयन में उनका विश्वास नहीं है, क्योंकि यहां पर पेपर लीक आम बात है. एनएसयूआई बिहार के नौजवानों को जागने का काम किया है.

पटना/ हैदराबाद, 11 अप्रैल, 2025. कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बेरोजगारी को लेकर गंभीर नहीं है . उन्होंने बिहार में बेरोजगारी और पलायन के लिए नीतीश कुमार और बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया. सचिन पायलट ने कहा कि बिहार के नौजवान प्रतिभावान होने के बावजूद मजबूरी में पलायन करते हैं. नीतीश कुमार अगर समर्थन देकर केंद्र में मोदी सरकार बनवाने की शर्त पर बिहार के नौजवानों के लिए दस – बीस लाख नौकरी मांग लेते तो हमें बुरा नहीं लगता और नौजवानों का भला हो जाता . अगर समर्थन की कीमत बिहार के नौजवानों का भविष्य होता तो हम लोग कुछ नहीं बोलते.

मजबूरी में हो रहे पलायन पर लगनी चाहिए रोक
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की पलायन रोको, नौकरी दो ‘ पदयात्रा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री आवास मार्च में शामिल होने पटना आए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बिहार के नौजवानों को पलायन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. उस पर रोक लगना चाहिए. बिहार के लोग गरीबी, लाचारी और अविश्वास के कारण रोजी-रोटी के जुगाड़ में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. यहां के लोग सरकार पर भरोसा नहीं करते . बीए – एमए करने के बाद भी बिहार के युवाओं को यह विश्वास नहीं रहता कि उन्हें बिहार में 2 जून की रोटी मिलेगी. इस वजह से बाहर जाकर परिवार के भरण पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए मेहनत करते हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से भी पलायन होता है, मगर बेहतर अवसर के लिए लोग बाहर जाते हैं, लेकिन बिहार के लोग मजबूरी में बिहार छोड़कर पलायन करते हैं.

नौजवानों के भविष्य की चिंता कांग्रेस पार्टी का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने कहा कि पूरे देश में बिहार की अधिकतर लोग मजबूरी और छोटे-छोटे रोजगार करते हैं, क्योंकि बिहार के शासको ने सालों साल तक उनकी अनदेखी है . दो पीढियां निकल गई, लेकिन बिहार के नौजवान अपना भविष्य अंधकार में देखते हैं. बिहार हिंदुस्तान के सबसे युवा राज्यों में से एक है . यहां पर युवाओं में जो प्रतिभा और क्षमता है उसे निखारने के बजाय उनसे मुंह मोड़ा जाता है. नीतीश कुमार कितने वर्षों से सीएम हैं. पायलट ने कहा कि दिल्ली और पटना की सरकारों ने नौजवानों को जगह नहीं दी . नौकरी प्रक्रिया चयन में उनका विश्वास नहीं है, क्योंकि यहां पेपर लीक आम बात है. एनएसयूआई बिहार के नौजवानों को जगाने का काम किया है. उम्मीद है कि मुख्यमंत्री आज हमारी बात सुनेंगे. नौजवानों के भविष्य की चिंता कांग्रेस पार्टी का मुद्दा है .


पटना में सीएम हाउस घेराव से पहले ही कांग्रेस का प्रदर्शन ढहा, कन्हैया कुमार समेत कई हिरासत में

पटना में शुक्रवार को ही कांग्रेस का प्रदर्शन उस वक्त उग्र हो गया जब कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़ते हुए सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे. पुलिस ने कन्हैया कुमार समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया, जबकि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट बीच रास्ते से लौट गए. कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री आवास घेराव के आह्वान पर निकाला गया मार्च भारी हंगामें और झड़प के बीच महज 1 घंटे में समाप्त हो गया. प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका,’ जिस पर कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की . जवाब में पुलिस ने लाठी चमकाई और कई लोगों को हिरासत में ले लिया .

सीएम हाउस से 3 किमी पहले रोके गए कांग्रेसी
कांग्रेस की योजना थी कि वे मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करें, लेकिन पुलिस ने उन्हें राजापुर पुल के पास ही रोक दिया. यहां थोड़ी देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोक झोंक भी हुई. हालात बेकाबू होते देख वाटर कैनन से भीड़ को कंट्रोल किया गया.

सचिन पायलट लौटे, कन्हैया और उदयभान हिरासत में
एसएसपी के निर्देश पर डाक बंगला, इनकम टैक्स, गोलंबर, कारगिल चौक समेत कई प्रमुख
चौराहों पर पुलिस बल की तगड़ी तैनाती की गई थी. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए.