शराब बंदी वाले बिहार में खूब कमा रहे हैं अधिकारी, नीतीश सरकार पर तेजस्वी का हमला
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की रिपोर्ट
तेजस्वी ने कहा कि यहां चोरी छिपे शराब बेची और खरीदी जा रही है. इसके आड़ में अधिकारियों की जेब गर्म हो रही है. वो लोग खूब कमाई कर रहे हैं और गरीबों की बड़ी आबादी जेल में सजा काट रही है
पटना/ हैदराबाद, 12 अप्रैल, 2025. बिहार में 9 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है. इसके बावजूद आए दिन शराब तस्कर और शराब पीने वाले लोग पकड़े जा रहे हैं. बिहार की शराबबंदी को लेकर तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को घेरते हुए कहा कि शराबबंदी की आड़ में यहां के अधिकारी खूब कमाई कर रहे हैं. बिहार में 40 हजार करोड़ का काला कारोबार शराब बन चुका है. तेजस्वी यादव ने कहा कि यहां चोरी छिपे शराब बेची और खरीदी जा रही है. इसके आड़ में अधिकारियों की जेब गर्म हो रही है. वो लोग खूब कमाई कर रहे हैं और गरीबों की बड़ी आबादी जेल में सजा काट रही है. 99 फ़ीसदी दलित, आदिवासी और पिछड़ों को इसी कानून के तहत जेल में डाला जा रहा है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि पूर्ण शराबबंदी कानून के तहत अब तक 9 लाख 36 हजार 94 9 केस दर्ज किया गया है. जिसमें 14 लाख 32 हजार 837 लोगों की गिरफ्तारी हुई . जिसमें 14 लाख 20 हजार 700 से अधिक दलित, पिछड़ा और आदिवासी समाज के लोग हैं. 99 फ़ीसदी लोग पिछले और दलित समाज के लोग हैं और एक फ़ीसदी गिरफ्तार लोगों में अन्य राज्यों और गैर पिछड़ा और दलित शामिल है . बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरजेडी प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत में इस बात की जानकारी दी . इस बार भी आंकड़ों के साथ नीतीश सरकार पर तेजस्वी ने हमला बोला. उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून के सहारे बिहार के अधिकारी काली कमाई कर रहे हैं. बिहार में शराब की आपूर्ति कौन कर रहा है और किसके इशारे पर यह सब हो रहा है, यह जांच का विषय है. तेजस्वी यादव ने कहा कि 3 करोड़ 86 लाख लीटर से अधिक शराब बरामद हुआ. जिसमें करीब डेढ़ लाख लीटर देशी शराब है. जबकि विदेशी शराब गरीब और मजदूर तो नहीं पी सकता. ऐसे में यह विदेशी शराब किसके लिए भेजी जा रही है. तेजस्वी ने कहा कि शराबबंदी वाले राज्य में इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब किसके इशारे पर आ रहा है और इसे कौन बेच रहा है, इसका पता लगाना चाहिए. सिर्फ गरीब और मजदूर वर्ग पर कार्रवाई की जा रही है. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में शराब की कालाबाजारी हो रही है. करीब 40 हजार करोड़ का यह काला कारोबार बन चुका है .