तिरुपति मंदिर प्रसादम में जानवरों की चर्बी मिलाने में एमपी के बड़े कारोबारी लिप्त ! जांच एजेंसी ने जब्त किए रिकार्ड
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की रिपोर्ट
देश दुनिया में मशहूर तिरुपति बालाजी मंदिर में मिलावटी प्रसादम मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. इस केस के तार मध्य प्रदेश के बड़े कारोबारियों से जुड़े रहे हैं. एमपी के ग्वालियर के यह तेल और घी व्यापारी अब जांच एजेंसी सीबीआई के रडार पर हैं .
तिरुपति/ ग्वालियर/ हैदराबाद, 21 अप्रैल, 2025. आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी प्रसादम में जानवरों की चर्बी मिलाने के मामले को लेकर सीबीआई के साथ ही विशेष जांच दल यानी एस आईटी ने ग्वालियर के तेल और घी कारोबारी से सवाल जवाब किए और रिकार्ड भी जब्त किए हैं. पिछले वर्ष सितंबर में आंध्र प्रदेश के नेता चंद्रबाबू नायडू ने विख्यात तिरुपति बालाजी मंदिर प्रसादम में जानवरों की चर्बी मिले घी के इस्तेमाल का आरोप लगाया था. इससे देश भर में श्रद्धालुओं में हडकंप मच गया था. मामले की जांच शुरू कर दी गई थी. वहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई के नेतृत्व में गठित एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी मामले की जांच कर रहा है. इसमें सीबीआई और राज्य सरकार के दो – दो अधिकारियों के साथ एफएसएसए के एक अधिकारी शामिल हैं. यह जांच दल बीते शनिवार को मध्य प्रदेश पहुंचा.
घी और तेल कारोबारियों के सर्च वारंट लेकर पहुंची ग्वालियर
ग्वालियर के विख्यात दाल बाजार में उस समय सनसनी फैल गई जब सीबीआई की टीम यहां के कुछ व्यापारियों के ठिकानों पर पहुंची. बताया जाता है कि सीबीआई अधिकारियों के नेतृत्व में सीट की टीम ग्वालियर के तीन घी और तेल कारोबारियों के ठिकानों पर सर्च वारंट लेकर पहुंची. जांच दल तीनों व्यापारियों से पूछताछ की. उनकी फर्मों के दस्तावेजों की जांच की और कुछ रिकार्ड जब्त भी किए. दाल बाजार में जब विशेष जांच दल कारोबारियों के ठिकानों पर पहुंचा तो व्यापारियों की ओर से विरोध किया गया. हालांकि जांच टीम ने सर्च वारंट दिखाया और इंदरगंज पुलिस को भी सूचना देकर बुला लिया . संदिग्ध फर्मों के कारोबार की जांच की गई. कारोबारियों के बयान भी दर्ज किए गए. हालांकि, मिलावटी प्रसादम मामले में ग्वालियर के इन कारोबारियों की क्या भूमिका है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. फिलहाल जांच टीम ने व्यापारियों को सर्च वारंट देकर पूछताछ के लिए तलब किया है.