पहलगाम हमले पर केंद्र सरकार की नीति स्पष्ट नहीं

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट नीति नहीं आई है. उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंक के शिकार लोगों को सम्मान मिले. खड़गे जातीय जनगणना को राहुल और कांग्रेस की जीत बताया. उन्होंने यह भी कहा कि
इसे अंजाम तक पहुंचने तक पार्टी को मुस्तैद रहना होगा.


नई दिल्ली/ हैदराबाद, 3 मई, 2025. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस घटना के कई दिन बाद भी सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आई है. जबकि हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तथा आतंकवादियों को सबक सिखाने के लिए सरकार को हर संभव सहयोग देने की बात कही है.
खड़गे ने कहा कि इस मसले पर पूरा विपक्ष सरकार के साथ है और हमने पूरी दुनिया को यही संदेश दिया है कि देश की एकता, अखंडता और खुशहाली की राह में जो भी चुनौती बनकर आएगा उसके खिलाफ हम एक होकर शख्ती से निपटेंगे.

जातीय जनगणना के फैसले पर कही ये बात
जातीय जनगणना कराने की सरकार की घोषणा को कांग्रेस विशेषकर पार्टी नेता राहुल गांधी की जीत बताते हुए खड़गे ने कहा, ‘ भारत जोड़ो यात्रा’ तथा पिछले लोकसभा चुनाव में उनके द्वारा मुद्दा बनाए जाने के बाद हठी सरकार को एक बार फिर से झुकना पड़ा है. जातीय जनगणना के बाद आरक्षण की 50% सीमा खत्म करने के लिए संविधान में संशोधन की भी कांग्रेस अध्यक्ष ने पैरोकारी की. पहलगाम तथा जातीय जनगणना के मुद्दे पर शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई गई

आतंकी हिंसा के शिकार लोगों को मिले शहीद का दर्जा
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि
24 अप्रैल को कार्य समिति ने आपात बैठक में प्रस्ताव पारित कर आतंकवादियों को सबक सिखाने के लिए सरकार को हर सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई थी. पहलगाम में आतंकी हिंसा के शिकार लोगों को शहीद
का दर्जा देने की पैरोकारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी ने कानपुर में शुभम द्विवेदी के परिवारों से मुलाकात की और सरकार से मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा तथा सम्मान देने की मांग की है.

खड़गे ने राहुल गांधी को दी बधाई

जातीय जनगणना के सरकार के फैसले का पूरा श्रेय
राहुल गांधी को देते हुए खड़गे ने बैठक में उन्हें बधाई दी और कहा कि सालों पुरानी हमारी मांग को सरकार ने माना है पर जो समय चुना गया उससे हमें हैरानी भी हुई. जिस भाषा और भाव के साथ कई बातें कही गई, उसको लेकर भी कई संदेह हमारे दिल में पैदा हुए हैं.

भाजपा हमेशा जातीय जनगणना के खिलाफ रही
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब 16 अप्रैल 2023 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जातीय जनगणना की मांग की
तो सरकारी इसके बिल्कुल इसके खिलाफ थी और हर मंच पर हमारी मांग का विरोध किया. इसे विभाजनकारी बताते हुए हमें अर्बन नक्सल कहा गया तो पीएम मोदी से लेकर आरएसएस के नेताओं ने आलोचना करते हुए बंटेगे तो कटेंगे जैसे नारे दिए. बहरहाल देर से ही सही सरकार का यह दुरुस्त कदम है मगर अब हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यह जातिगत जनगणना सही तरीके से हो तथा इसके जो नतीजे आएं उन पर भी अमल हो. खड़गे ने कहा कि अभी भी जातीय जनगणना के बजट से लेकर सरकार की नीति और नीयत पर कई सवाल कायम है और अंजाम तक ले जाने के लिए हमें मुस्तैद रहना होगा . खड़गे ने सरकार पर लोगों को
गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा — संघ जातीय जनगणना के विरोध में थे मगर आज वे कांग्रेस को इसका विरोधी बता रहे हैं.

” तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को पत्र लिख दिया सुझाव, पिछली सरकारों का जिक्र कर
एक सवाल भी उठाया”

केंद्र सरकार द्वारा जनगणना के साथ कास्ट सेंसस कराए जाने के एलान को विपक्षी दल अपनी जीत बता रहे हैं. इस बीच राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने अपनी इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि रिजर्वेशन पर लगे कैप पर फिर से विचार किया जाना चाहिए. तेजस्वी यादव ने कहा कि जाति जनगणना करने का फैसला हमारे देश की समानता की यात्रा में एक परिवर्तनकारी क्षण हो सकता है. इस जनगणना के लिए संघर्ष करने वाले लाखों लोग सिर्फ डेटा, नहीं बल्कि सम्मान, सिर्फ गणना नहीं बल्कि सशक्तिकरण का इंतजार कर रहे हैं. इसके साथ ही राजद नेता ने निजी सेक्टर में रिजर्वेशन, कास्ट सेंसस के आधार पर प्रोपोर्शनल रिजर्वेशन और मंडल आयोग की सिफारिश के पूरी तरह से
इंप्लीमेंटेशन की मांग की .