किसान नेता राकेश टिकैत पर हमले की डॉ सुनीलम ने की निंदा, हमलावरों को गिरफ्तारी की मांग


मुजफ्फरनगर/ हैदराबाद,3 मई, किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेता राकेश टिकैत पर शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में हुए कायरतापूर्ण और सुनियोजित हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. दरअसल, राकेश टिकैत पर यह हमला तब हुआ जब वे पहलगाम के मुद्दे को लेकर मुजफ्फरनगर में आयोजित आक्रोश रैली को संबोधित करने पहुंचे थे. इस घटना से देशभर के किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है, लोग इसे किसान आंदोलन पर सीधा प्रहार मान रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि किसान नेता राकेश टिकैत ने स्वयं इस हमले को सुनियोजित बताते हुए कहा कि कुछ प्रशिक्षित लोगों को शराब पिलाकर उनकी हत्या करने के इरादे से भेजा गया था. टिकैत ने
स्पष्ट किया कि इस तरह के कृत्य उनकी हत्या तक का कारण बन सकते थे. इसके बावजूद, वे दृढ़ता से बोले कि ” वे किसानों की ताकत पर आंदोलन को और मजबूत करेंगे. वहीं, डॉ सुनीलम ने कहा है कि यह हमला न केवल किसान नेता टिकैत की व्यक्तिगत सुरक्षा पर आघात है, बल्कि किसान आंदोलन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सुनियोजित हमला है. गौरतलब है कि राकेश टिकैत प्रसिद्ध किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत विरासत को आगे बढाते हुए बरसों से किसानों के हक की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं. उनकी आवाज को दबाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जाना निंदनीय है. किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ सुनीलम ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि
यह पहला मौका नहीं है जब उन पर हमला हुआ हो. इससे पूर्व 2 अप्रैल 2021 को राजस्थान के अलवर में उनके काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें उनकी कार के शीशे तोड़े गए थे. इसके अलावा, 30 मई 2022 को बेंगलुरु में एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन पर स्याही फीकी गई और माइक से हमला किया गया था. इन हमलों से स्पष्ट है कि किसान नेता राकेश टिकट को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है एवं उनके मनोबल को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ सुनीलम ने इस हमले पर कर रख अपनाते हुए कहा है कि ” किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य( एमएसपी ) की कानूनी गारंटी दिलाने, कर्ज मुक्ति कराने, और भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने का किसान संघर्ष समिति का संघर्ष जारी रहेगा. हमलों से किसान नेता घबराने वाले नहीं है. किसानों पर कई बार गोलियां चली, फिर भी किसान नहीं डरा. ऐसे हमलों से हम डरने वाले नहीं है . ” किसान आंदोलन अटूट एकता और संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा. डॉ सुनीलम ने कहा कि तत्काल मौके पर हमलावरों को गिरफ्तार न किया जाना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हमलावरों को सत्तारूढ़ दल और
स्थानीय प्रशासन से संरक्षण प्राप्त है. हम सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित उच्चस्तरीय जांच हो एवं हमला बड़ों की तत्काल गिरफ्तारी हो एवं दोषियों को कठोर सजा दी जाए. इस घटना के विरोध में किसान एकजुट हो रहे हैं और किसान संघर्ष समिति इस हमले के खिलाफ जल्द ही ज्ञापन
सौंपेगी ऐसा डॉ. सुनीलम का कहना है.