
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
हैदराबाद, 4 मई, 2025. कवियों की सक्रिय काव्य संस्थान’ गीत चाँदनी ‘ द्वारा संचालित सीता युद्धवीर पुस्तकालय व शोध संस्थान हैदराबाद की मासिक मूल्यांकन कवि गोष्ठी क्रम – 331 का आयोजन नामपल्ली स्थित हिंदी प्रचार सभा हैदराबाद के सभागृह में संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता गीत चाँदनी के अध्यक्ष गीतकार चंपालाल बैद ने की. इस गोष्ठी में सुप्रसिद्ध साहित्यकार मन्नू भंडारी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर कवि अशोक दोषी ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि कथा और साहित्य के क्षेत्र में मन्नू भंडारी का अपना एक विशिष्ट स्थान रहा है. उन्होंने बहुत सी विधाओं में रचनाएं की परंतु कहानी साहित्य में उन्हें खास मुकाम हासिल हुआ. उनकी लिखी रचनाएं आम आदमी के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है . महाभोज उपन्यास के लिए उन्हें भारतीय भाषा परिषद ने रामकुमार भुवालका पुरस्कार प्राप्त हुआ. 1976 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया, लेकिन उन्होंने उसे लेने से इनकार कर दिया था. मन्नू भंडारी के साहित्य पर देशभर के विश्वविद्यालयों में अनेक पीएचडी के शोध संपन्न हुए हैं. उनका साहित्य आज भी पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. मन्नू भंडारी ने हिंदी साहित्य जगत को अपनी देखनी से नवीनता और विकास का मार्ग दिखाया. कार्यक्रम का संचालन गीत चाँदनी के कार्यदर्शी एवं गोलकोंडा दर्पण पत्रिका के संपादक कवि गोविंद अक्षय ने किया. इस अवसर पर उन्होंने बताया कि इस मूल्यांकन कवि गोष्ठी में मेरठ की त्रैमासिक हिंदी पत्रिका’ प्रकृति मंथन’ ( प्रकृति और संस्कृति की संवाहक) के वर्ष:12, अंक :1 जनवरी – मार्च, 2025 में प्रकाशित रचनाओं पर हैदराबाद के विद्वान साहित्यकारों द्वारा परिचर्चा की गई. कवि गोविंद अक्षय ने बताया कि उक्त पत्रिका भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत है . मूल्यांकन गोष्ठी में श्रुतिकांत भारती विशेष अतिथि थे. वक्ताओं ने मूल्यांकन गोष्ठी में आलोच्य पत्रिका ‘ प्रकृति मंथन’ पर अपने विचार प्रस्तुत किए. विचार प्रस्तुत करने वाले विद्वानों में डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव, कवियित्री रत्नकला मिश्र, आरती कुमारी, सुनील मिश्रा, चंपालाल बैद, श्रुतिकांत भारती, गोविंद अक्षय, पत्रिका में प्रकाशित सामग्री की प्रशंसा की और कहा कि वर्तमान समय में प्रकृति मंथन जैसी पत्रिकाओं की समाज को अत्यंत आवश्यकता है. इस मौके पर यहां के प्रसिद्ध साहित्यकार और विशिष्ट कवि गोविंद अक्षय को पिछले दिनों बेंगलुरु शहर में सम्मानित किए जाने पर उन्हें यहां के लेखकों, साहित्यकारों, कवियों और बुद्ध– जीवियों द्वारा अभिनंदन किया गया. इस दौरान आयोजित कभी गोष्ठी में अनेक कवियों ने देश की सामयिक समस्याओं और जीवन के विभिन्न विषयों पर रचनाएं सुनाकर श्रुताओं को आनंदित कर दिया. काव्य पाठ करने वाले कवियों में कवि राजकुमार यादव, अशोक दोषी, अनिल कुमार गुप्ता, पूनम जोधपुरी, खलील हैदराबादी, पुष्पा वर्मा, आरती कुमारी समेत प्रमुख कवि मौजूद थे . इस दौरान कवि गोविंद अक्षय के साथ कवि अंजनी कुमार गोयल का भी अभिनंदन किया गया.