ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर का पूरा परिवार खत्म, बोला — अच्छा होता मैं भी मर जाता
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट
सूत्र बताते हैं कि ये सभी लोग उस समय मरकज परिसर में मौजूद थे जब भारत ने आतंकवादी ठिकानों को लक्षित कर हमला किया. इसे जैश का प्रमुख प्रशिक्षण और संचालन मुख्यालय कहा जाता है.
श्रीनगर/ हैदराबाद, 7 मई, 2025. पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश – ए – मोहम्मद के प्रमुख अड्डे मरकज सुभान अल्लाह पर भारतीय सेना द्वारा किए गए स्ट्राइक में मसूद अजहर की पत्नी, बेटा और बड़ी बहन सहित उसके पूरे परिवार के 10 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है. टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में मसूर की बड़ी बहन, बहनोई और 4 करीबी गुर्गे के मारे जाने की खबर आई है. मारे गए लोगों में मौलाना काशिफ, उसका परिवार, मौलाना अब्दुल रउफ़ की बड़ी बेटी, पोते और 4 बच्चे शामिल हैं . इस हमले में परिवार के खात्मे के बाद मसूद अजहर काफी परेशान है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसने कहा– अच्छा होता कि मैं भी मर जाता. सूत्र बताते हैं कि ये सभी लोग उस समय मरकज परिसर में मौजूद थे जब भारत ने आतंकवादी ठिकानों को टारगेट कर हमला किया. इसे जैश का प्रमुख प्रशिक्षण और संचालन मुख्यालय माना जाता है, जहां पुलगामा जैसे हमलों की साजिश रची जाती रही है. सूत्रों के मुताबिक, भारत ने बहावलपुर इलाके में सुभान अल्लाह केंद्र
को निशाना बनाया है . पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता के मुताबिक, बहावलपुर के पास अहमदपुर शर्किया इलाके में स्थित सुभान मस्जिद पर 4 हमले किए गए . एक मस्जिद पूरी तरह से ध्वस्त हो गई . बहावलपुर प्रतिबंधित संगठन जैश – ए – मोहम्मद का केंद्रीय मुख्यालय भी है और मदरसा अल — सबीर व जामिया मस्जिद अल – सुभान इसका हिस्सा है. भारतीय ऑपरेशन के बाद जारी एक बयान में जैश – ए – मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर ने अपने परिवार के 10 सदस्यों और 4 करीबी सहयोगियों के मारे जाने की पुष्टि की है. पत्रकार अहमद एजाज कहते हैं, यह मदरसा और मस्जिद सुभान अल्लाह देश के मुख्य राजमार्ग एन -5 पर स्थित है. इसे बहावलपुर बाईपास कहा जाता है अब इसी इलाके को अहमदपुर शर्किया रोड कहा जाता है. इस मदरसे में उस मदरसे में 800 छात्र पढ़ते थे. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमले से कुछ दिन पहले ही मस्जिद और मदरसे को छात्रों और शिक्षकों से खाली करा लिया गया था. स्थानीय पत्रकार राजा शफकत महमूद कहते हैं कि मंगलवार रात जब पहला धमाका सुना गया तो आसपास के इलाकों के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और कुछ ही देर बाद दूसरा धमाका हुआ. उनका कहना है कि स्थानीय निवासियों के मुताबिक, विस्फोट की तीव्रता इतनी थी कि 2 किमी दूर घरों की खिड़कियां टूट गई .