शादी के 3 दिन बाद ही देश ने पुकारा, फौजी पति रवाना… भावुक हुई नई नवेली दुल्हन

रेलवे स्टेशन पर अपने फौजी पति को विदा करने आई नव विवाहिता ने कहा, मुझे गर्व है कि मेरे पति देश की रक्षा के लिए सीमा पर जा रहे हैं, देश से बड़ा कुछ भी नहीं

मुंबई/ हैदराबाद, 10 मई, 2025. शादी का जश्न अभी खत्म भी नहीं हुआ था, दुल्हन के हाथों की मेहंदी जैसी की तैसी थी और नई नवेली दुल्हन को नम आंखों के साथ अपने फौजी पति को देश की सेवा के लिए विदा करना पड़ा . महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले फौजी जवान मनोज ज्ञानेश्वर पाटिल की शादी 5 मई को यामिनी पाटिल से हुई थी. शादी की खुशियां अभी थमी भी नहीं थी कि पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के चलते मनोज की छुट्टी रद्द कर दी गई और उन्हें तुरंत सीमा पर रिपोर्ट करने का आदेश मिला. मनोज ने बिना कोई देर किए, देश सेवा को सर्वोपरि मानते हुए 8 मई को ड्यूटी ज्वाइन करने निकल पड़े. जलगांव जिले के पाचोरा निवासी मनोज और यामिनी का विवाह पूरे रीति – रिवाज से सोमवार 5 मई को संपन्न हुआ था. शादी के बाद नवदंपति ने
जीवन की नई यात्रा के सपने देखने शुरू किए थे, लेकिन तभी ‘ ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत सभी जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई और मनोज को भी तुरंत ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश मिला. मनोज जब ड्यूटी पर लौट के लिए अपने घर से निकले तो नव विवाहिता पत्नी की आंखें नम हो गई, लेकिन यामिनी ने खुद को संभाला और कहा, मुझे गर्व है कि मेरे पति देश की रक्षा के लिए सीमा पर जा रहे हैं, देश से बड़ा कुछ नहीं है. परिवार के साथ मनोज शादी की खुशियां मना ही रहे थे कि कभी मनोज को देश सेवा का कर्तव्य निभाने जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि देश से बड़ा कुछ भी नहीं होता. जबकि मनोज की पत्नी यामिनी ने भी इस कठिन परिस्थिति में देश सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही और पति को भावुक होकर विदा किया. मनोज को छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची यामिनी ने कहा, मुझे गर्व है कि मेरे पति सीमा प्रदेश की रक्षा के लिए जा रहे हैं, देश से बड़ा कुछ नहीं होता. यामिनी का यह जज्बा न सिर्फ पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि हर भारतीय के दिल को गर्व से भर देती है.