महागठबंधन को मिला पॉलिटिकल माइलेज

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी विधानसभा चुनाव 2025 महागठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगी. रालोजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज पासवान ने कहा कि सीट बंटवारे पर बातचीत चल रही है. उन्होंने एनडीए सरकार को अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा और रामविलास पासवान के सपनों को साकार करने की बात कही . वे संगठन विस्तार के लिए जिलों का दौरा कर रहे हैं.

मधेपुरा/ हैदराबाद, 22 मई, 2025. राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव महागठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगी. महागठबंधन के साथियों के साथ सीट बंटवारे को लेकर बातचीत प्रगति पर है. बहुत जल्द अंतिम निर्णय हो जाएगा. गुरुवार को मधेपुरा स्थित परिषद में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सांसद प्रिंस राज पासवान ने उक्त बातें कही. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सभी साथियों के साथ बैठकर संगठन विस्तार और पार्टी की मजबूती को लेकर आवश्यक निर्देश दिया जा रहा है. पार्टी के साथियों के अनुरोध पर जिले के घेलाढ़ प्रखंड के मोहनपुर बरदाहा गांव स्थित दीनाभद्री मेले का उद्घाटन करने के बाद समस्तीपुर जिले के लिए प्रस्थान करने की बात भी उन्होंने बताई.

सूबे में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर
पूर्व सांसद ने कहा, एनडीए सरकार में प्रदेश की स्थिति काफी खराब हो चुकी है. प्रदेश में अपराध, भ्रष्टाचार चरम पर है . राज्य सरकार इस पर अंकुश लगाने में पूरी तरह सफल रही है . उन्होंने कहा कि रालोजपा पशुपति पारस के नेतृत्व में रामविलास पासवान के सपनों को साकार करने में जुटी हुई है. वहीं, रालोजपा के युवा नेता यश राज पासवान ने कहा कि बड़े भाई प्रिंस राज पासवान के साथ मिलकर प्रदेश के सभी जिलों में पार्टी व संगठन को मजबूत बनाने का कार्य कर रहा हूं. पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव मजबूती के साथ लड़ेगी.

कौन-कौन मौजूद रहा
मौके पर दलित सेना के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम कुमार दोहा, जिला प्रभारी प्रमोद सिंह, वैशाली जिला अध्यक्ष पारस गुप्ता, जिला अध्यक्ष राजकुमार मेहता, युवा जिला अध्यक्ष राकेश कुमार, भीखन पासवान, इंदु देवी, चुनचुन यादव, कन्हैया मंडल, मणिकांत कुमार, विजय यादव, कृष कुमार, शंकर गुप्ता, मोहम्मद असलम, मोहम्मद अब्दुल सहित भारी संख्या में महागठबंधन के कार्यकर्ता मौजूद थे. गौरतलब है कि रालोजपा के महागठबंधन के साथ आने से दूसरे दलों, जैसे जेडीयू, बीजेपी और लोजपा ( आर ) की टेंशन जरूर बढ़ सकती है. सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि आरजेडी अब रालोजपा के साथ मिलकर दलित वोटो को साधने की कोशिश करेगी.