सीजेआई तक पहुंच गया डॉ अंबेडकर मूर्ति का मामला, कांग्रेस में भेज दिया चीफ जस्टिस को लेटर

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में डॉ अंबेडकर की मूर्ति स्थापना का मामला सीजेआई तक पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्र लिखा है
भोपाल/ ग्वालियर/ हैदराबाद, 24 मई, 2025. ग्वालियर हाई कोर्ट बेंच परिसर में विवाद का मामला अब सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस तक पहुंच गया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को एक पत्र लिखा और सीजेआई बीआर गवई से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है. जीतू पटवारी ने चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में कहा है कि कोर्ट की मंजूरी से परिसर में अंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करने का प्रस्ताव शुरू किया गया था. उन्होंने पत्र में लिखा है कि हाई कोर्ट परिसर में डॉ अंबेडकर की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव अंबेडकर के प्रयासों और भारत के संविधान को आकार देने में उनके योगदान को याद करने के लिए किया गया था . वकीलों का यह प्रस्ताव अंबेडकर के प्रति हमारे सम्मान को दर्शाता है, लेकिन कुछ लोग कानूनी रूप से प्रस्तावित अंबेडकर की प्रतिमा लगाने का विरोध कर रहे हैं.
पत्र में क्या लिखा था
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में लिखा गया है कि कुछ लोग प्रतिमा स्थापित करने का विरोध कर रहे हैं और उसमें बाधा भी डाल रहे हैं. सीजेआई को पत्र में जीतू पटवारी ने लिखा, ” मैं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष, जीतू पटवारी ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में सभी वर्गों की आपसी सहमति से एक प्रतिमा स्थापित करने के लिए आपके निर्देश की मांग कर रहा हूं. ” जीतू पटवारी ने लिखा कि हाल ही में वकीलों के एक समूह ने परिसर में अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करना चाहा तो दूसरे पक्ष के वकीलों ने इसका विरोध किया और दोनों पक्षों के बीच झड़प देखने को मिली. वकीलों के दूसरे पक्ष ने प्रस्तावित प्रतिमा स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज लगाकर प्रतिमा स्थल को बंद करने का प्रयास किया. ” जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि फरवरी महीने में कुछ वकीलों ने अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर हाई कोर्ट में आवेदन किया था. इस मामले में जांच करने वाली समिति ने प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दी थी, लेकिन प्रतिमा स्थापित करने के दौरान कुछ वकीलों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. पत्र में जीतू पटवारी ने चीफ जस्टिस से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में अंबेडकर की मूर्ति पहले से स्थापित है, इसलिए कृपया इन विवादों को सुझाते हुए, परिसर में अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने का आदेश दिया जाए.