गीत चाँदनी की मूल्यांकन कवि गोष्ठी में नई दिल्ली की मासिक पत्रिका’ सीमा संघोष’ पर हुई चर्चा
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
हैदराबाद, 6 जून, 2025. कवियों की सक्रिय और लोकप्रिय संस्था ‘ गीत चाँदनी ‘ द्वारा संचालित सीता युद्धवीर पुस्तकालय और शोध संस्थान हैदराबाद की मूल्यांकन कवि गोष्ठी क्रम– 332 का आयोजन यहां के मोजमजाही मार्केट स्थित आरोग्य अस्पताल, कैलाश डायग्नास्टिक केंद्र के सेल्लार सभागृह हैदराबाद में किया गया. इस मौके पर गीत चाँदनी के अध्यक्ष व गीतकार चंपालाल बैद ने आयोजित कवि गोष्ठी की अध्यक्षता की एवं गीत चाँदनी के कार्यदर्शी व कवि गोविंद अक्षय ने कार्यक्रम का संचालन किया और संस्था की गतिविधियों पर चर्चा की. इस मूल्यांकन कवि गोष्ठी में नई दिल्ली की हिंदी मासिक पत्रिका ‘ सीमा संघोष ‘ अप्रैल अंक 2025 में प्रकाशित रचनाओं पर हैदराबाद के विद्वान साहित्यकारों ने चर्चा की, जिसकी अध्यक्षता कवि ठाकुर अमरदीप सिंह ने की. आलोच्य पत्रिका के संपादक: डॉ. चंद्रवीर सिंह भाटी, मुख्य संपादक दीपांशु गर्ग एवं सलाहकार सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल अरुण साहनी, डॉ. राजीव नयन, डॉ राजीव प्रसाद के नाम सम्मिलित हैं. मूल्यांकन गोष्ठी में हैदराबाद के साहित्यकारों में कवियित्री रमा बहेड, रत्नकला मिश्र, संतोष कुमार मिश्र’ माधुर्य, आरती कुमारी, श्रुतिकांत भारती , अशोक आत्रेय, आदि वक्ताओं ने सारगर्भित चर्चा की और पत्रिका में प्रकाशित सामग्री की भूरी — भूरी प्रशंसा और सराहना की. जोलेंट विषयों पर चर्चा करते हुए बताओ ने कहा कि इस तरह की पत्रिकाएं प्रकाशित होनी चाहिए. सिंधु संधि क्या है पत्रिका के माध्यम से युवा पीढ़ी को ज्ञात हुआ है. सोशल मीडिया में आज ऐसी पत्रिकाओं की आवश्यकता है. विवेच्य पत्रिका में रोचक और पत्नी सामग्री अति ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी है. वक्ताओं के मुताबिक, लेखकों ने देश की समस्याओं पर बहुत ही सुंदर ढंग से अपनी कलम चलाई है. इस पत्रिका में प्रकाशित कविताएं आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर और अन्य सामग्री पाठकों को आकर्षित करने वाली है. कवियित्री रमा बहेड ने कहा कि यदि एक पत्थर गलत हाथों में आ जाए तो वह किसी न किसी को घायल ही करेगा और वही पत्थर यदि किसी शिल्पकार के हाथों में आ जाए तो शिल्पकार उसे पत्थर को गढकर पूजने योग्य बना देगा. उसी प्रकार साहित्यकार की रचनाओं को एक कुशल संपादक और सलाहकार नई दिशा देकर शिखर तक पहुंचा देते हैं.’ सीमा संघोष ‘ पत्रिका के संपादक व सलाहकार इसी श्रेणी में आते हैं. रमा बहेड ने संपादक मंडल को बधाई और शुभकामनाएं दी. इस मौके पर बच्चन अकादमी हैदराबाद के सहयोग से हिंदी उपन्यासकार और प्रसिद्ध संपादक हजारी प्रसाद द्विवेदी और हिंदी के विशिष्ट साहित्यकार, पत्रकार एवं युग प्रवर्तक महावीर प्रसाद द्विवेदी की व्यक्तित्व और कृतित्व पर विभा भारती ने अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. दोनों महान साहित्यकारों की सेवाओं को याद करते हुए उन्होंने उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि दी . इस सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अशोक आत्रेय ( राजस्थान) ने की. आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. मोहन गुप्ता, कवियित्री कम्मो, श्रुतिकांत भारती बतौर विशेष अतिथि मंच पर आसीन रहे. अपने उद्बोधन में अशोक आत्रेय ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर मैंने 26 कलाकृतियां बनाई है, जिसे तेलंगाना और देश के अलग-अलग जगह पर प्रदर्शित किया जाएगा. इस मौके पर आयोजित कभी गोष्ठी में कवियों ने देश की समसामयिक और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रचनाएं सुनाई. काव्य पाठ करने वाले कवियों में संत कुमार मंडल ‘ जागृति’, आरती कुमारी, अनुज कुमार तिवारी ( कानपुर), शिवकुमार तिवारी ‘ कोहिरी ‘, पूनम जोधपुरी, अनिल कुमार गुप्ता, रत्नकला मिश्र, गोविंद अक्षय, विभा भारती, सत्यनारायण काकड़ा, जलीस भारती, बासित अली रईस, संतोष कुमार मिश्र’ ‘ माधुर्य ‘, अशोक आत्रेय, उमेश चंद्र श्रीवास्तव, तश्कील रज्जाकी, ठाकुर अमरदीप सिंह, रमा बहेड, आर. दुर्गाराज पटून, तज्जमुल गुलरेज, चंपालाल बैद, प्रमुख रहे. अंत में कार्यक्रम की संयोजिका रत्नकला मिश्र के धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ. इस मौके पर उमर कैसर, ठाकुर प्रभात सिंह की मौजूदगी गौरवपूर्ण रही.