कल तक राम पर उठते थे सवाल, अब चुनाव से पहले याद आए श्री हरि, यादवों के’ रोम ‘ की नई तस्वीर
हैदराबाद से देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
बिहार में राजनीति एक ऐसी चीज है जो लोगों को कहीं से कहीं पहुंचा देती है. अब तक ऐसी तस्वीर जिसमें इंसाफ दिख रहा है कि कल तक रामचरित मानस को कोसने वाले तेजस्वी यादव के सिपहसालार को चुनाव में श्री हरि याद आ रहे हैं.
मधेपुरा/ हैदराबाद, 7 जून, 2025. कहा जाता है कि रोम पोप का और मधेपुरा गोप का. गोप यानी यादव, इसी मधेपुरा से विधायक और पूर्व मंत्री चंद्रशेखर की एक नई तस्वीर सामने आई है. राजद विधायक चंद्रशेखर और तेजस्वी यादव एक समारोह में मधेपुरा पहुंचे. इस समारोह में लगा बैनर ही काफी कुछ कह रहा है.
क्या कहा था चंद्रशेखर ने
मधेपुरा के राजद विधायक चंद्रशेखर जब बिहार सरकार की महागठबंधन सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने एक ऐसा बयान दे दिया था, जिसके बाद से उनकी जमकर आलोचना हुई है. आज तक वो इस आलोचना की छाया से बाहर नहीं निकाल पाए हैं. तब वो शिक्षा मंत्री थे, उन्होंने एक समारोह में कहा था कि’ एक युग में मनुस्मृति, दूसरे युग में रामचरितमानस और तीसरे युग में गुरु गोलवरकर का बंच ऑफ थॉट्स से समाज और देश को नफरत में बांटा जाता है.
तब महागठबंधन सरकार में सीएम नीतीश को देनी पड़ी थी सफाई
इसके बाद भी चंद्रशेखर अपनी बात पर अड़े रहे थे और लगातार रामचरितमानस पर सवाल उठाते रहे थे. रामचरितमानस को समाज को बांटने वाला ग्रंथ बताने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा था कि ‘ हमारा मानना है कि किसी भी धर्म या मजहब के मामले में कोई विवाद नहीं करना या कराना चाहिए. लोग जिस तरह के धर्म या मजहब से जुड़े हैं उसमें इसी तरह का कोई हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है.
अब देखिए ताजा तस्वीर
तब से लेकर काफी दिनों तक अपनी बात पर अड़े रहे चंद्रशेखर को ठीक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले वो भगवान याद आने लगे हैं, जिनके अवतार श्री राम थे यानि भगवान विष्णु. हालांकि, ये हम नहीं बल्कि विरोधी ऊंचे सुर में बोल रहे हैं. ये तस्वीर मधेपुरा में हाल ही में संपन्न हुए” महा विष्णु त्रिकुंज यज्ञ” की है. इस तस्वीर में चंद्रशेखर खुद कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं.
चुनाव में चंद्रशेखर को याद आए श्री हरि ?
इसी तस्वीर में उनके साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ज्यादा भी बैठे नजर आ रहे हैं. जाहिर है कि चुनावी माहौल है तो हर जगह जाना होगा. लेकिन इसके पहले चंद्रशेखर रामचरितमानस के खिलाफ बोलते आए हैं . ऐसे में अचानक से हृदय परिवर्तन क्यों हो गया? इसका जवाब विरोधी दे रहे हैं.
बहुरूपियों को चुनाव में श्री हरि याद आ रहे— अरविंद निषाद
इस तस्वीर के बारे में जदयू के प्रवक्ता और काफी जहीन माने जाने वाले नेता अरविंद निषाद ने कहां की ‘ ये लोग( चंद्रशेखर व आरजेडी ) बहरूपिए हैं. जब ये सत्ता में होते हैं तो प्रभु श्री राम को गाली देते हैं, लेकिन जब यही नेता विपक्ष में आते हैं तो इन्हें श्री हरि याद आने लगते हैं. लेकिन यह लोग नहीं जानते कि भगवान की शरण में जाकर भगवान को ठगा नहीं जा सकता.
क्या मिजाज है मधेपुरा के यादवों का
दरअसल, मधेपुरा के यादवों का एक तबका चंद्रशेखर के इन बयानों से भारी नाराज हैं. हालांकि, वो खुलकर कुछ नहीं कहना चाहता. ये बात मधेपुरा के एक राजनीतिक सूत्रों ने हमें बताई है. यूं समझिए कि चंद्रशेखर को इस बार चुनाव में अपने ही समाज का गुस्सा झेलना पड़ रहा है.
