डीके शिवाकुमार को मिलेगी सीएम की कुर्सी ?


हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट

कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज है. मुख्यमंत्री सिद्धा रमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की है. हालांकि सूत्र बताते हैं, यह मुलाकात कई अहम मुद्दों को लेकर है.

नई दिल्ली/ हैदराबाद, 11 जून, 2025. कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी क्या नेतृत्व परिवर्तन करने जा रही है? यह सवाल लंबे समय से उठता रहा है. लेकिन, मंगलवार को इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में एक बड़ी हलचल देखी गई. जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार दिल्ली एक साथ दिल्ली रवाना हुए. दोनों नेता दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की . इस हम मुलाकात में एआईसीसी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और कांग्रेस महासचिव( संगठन), केसी. वेणुगोपाल भी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा कर्नाटक में जाति जनगणना का मुद्दा रहा. इसके अलावा, हाल ही में बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना पर भी चर्चा की गई. इस मुलाकात ने कर्नाटक की सियासत में भूचाल ला दी है, क्योंकि डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें भी तेज हो गई है. कर्नाटक में जाति जनगणना लंबे समय से एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है . सिद्धारमैया सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, लेकिन इसे लागू करने में कई चुनौतियां भी सामने आई है .सूत्र बताते हैं कि खड़गे और राहुल गांधी के साथ यह मुलाकात के दौरान जाति जनगणना की प्रगति और इसके
राजनीतिक प्रभावों पर विमर्श किया गया. कांग्रेस इस मुद्दे को 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद और मजबूती से उठाना चाहती है, ताकि सामाजिक न्याय के अपने वादे को पूरा किया जा सके. सिद्धारमैया और शिवकुमार इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाने की कोशिश में एक साथ दिखे, लेकिन पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज है .

डीके शिवकुमार के नाम की चर्चा

डीके शिवकुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए पहले भी उछलता रहा है. 2023 में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया गया. उस समय पार्टी ने दोनों नेताओं के बीच सत्ता साझेदारी का फार्मूला तय किया था, जिसमें शिवकुमार को बाद में कथित तौर पर मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी. अब, लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में कांग्रेस के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बाद शिवकुमार के समर्थकों ने फिर से उनके लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी की मांग शुरू कर दी है. उनकी वोकालिगा
समुदाय में मजबूत पकड़ और संगठनात्मक कौशल को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हाल ही में बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ ने सरकार की फजीहत करवाई है. इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. बाद में विपक्ष ने सिद्धारमैया सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाए थे. सूत्र बताते हैं कि, इस मुलाकात में कई महत्वपूर्ण मुद्दों और ताजा राजनीतिक घटनाओं पर चर्चा की गई. दिल्ली में हुई यह मुलाकात कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करने में अहम हो सकती है. अगर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह कर्नाटक में सत्ता समीकरणों को बदल सकता है. हालांकि, सिद्धारमैया के समर्थक भी उनकी उपलब्धियों, खासकर पांच गारंटी योजनाओं को लागू करने को रेखांकित कर रहे हैं.