बिहार विधानसभा घेराव के दौरान हुई झड़प और निषेधाज्ञा उल्लंघन को लेकर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, मनीष कश्यप, पार्टी प्रवक्ता विवेक कुमार, और प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती सहित करीब 2 हजार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है. वहीं, पुलिस लाठी चार्ज में लगभग एक दर्जन कार्यकर्ता घायल भी हुए हैं. इस बीच प्रशांत किशोर ने सरकार और प्रशासन को चेताया है कि जवाब नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा.

पटना/ हैदराबाद, 24 जुलाई, 2025. जन सुराज पार्टी द्वारा बिहार विधानसभा के घेराव को लेकर पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर, मनीष कश्यप, प्रवक्ता विवेक कुमार, एवं प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती समेत 2 हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है . पुलिस ने यह कार्रवाई विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और निषेधाज्ञा उल्लंघन के मामलों को लेकर की है. पुलिस के साथ हाथापाई और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के मामलों में धारा 191(2), 19 0, 132, 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. बुधवार 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज किया, जिसमें एक युवा कार्यकर्ता के सिर में गंभीर चोट आई है. जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं. इस घटना के बाद प्रशांत किशोर ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में शासकीय कामकाज को बाधित कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज पार्टी के एक निहत्थे कार्यकर्ताओं को अपने लाठी मारी है, तो मैं यहां बैठा हूं, आकर मुझे मारिए. ये प्रतिबंधित क्षेत्र है, तो हमें रोक कर दिखाइए. हम यहां से तभी हटेंगे जब मुख्य सचिव हमारी मांगों का लिखित जवाब देंगे. यह टकराव तब हुआ जब ” जन सुराज पार्टी ” समूह ने बिहार विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की. पुलिस बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया गया, जिसके कारण थोड़ी देर के लिए हाथापाई हुई और प्रदर्शन स्थल पर तनाव बढ़ गया.
बच्चों की दुर्दशा पर जताई चिंता
इससे पहले प्रशांत किशोर ने मजदूरी कर रहे लाखों बच्चों की दुर्दशा पर भी चिंता जताई और चर्चा की. उन्होंने कहा कि बिहार में गर्मी और कठिन हालात में 50 लाख से अधिक बच्चे बाल श्रमिक के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी चिंता नहीं कर रही. अगर हमें सरकार को जगाना है, तो सड़कों पर उतरना ही पड़ेगा. पुलिस जो चाहे करें, हम तो आगे बढ़ेंगे.