राहुल गांधी को लेकर क्यों बदले स्मृति ईरानी के तेवर ?

स्मृति ईरानी ने राजनीति से दूर जाने की अटकलों को खारिज किया है. ईरानी ने कहा कि गांधी परिवार ने 2024 में उनसे लड़ने से इनकार कर दिया इसीलिए राहुल गांधी अमेठी से चुनाव नहीं लड़े . उन्होंने कहा कि वो राजनीति से दूर नहीं हुई है और फिर चुनाव लड़ सकती हैं

नई दिल्ली/ हैदराबाद, 24 जुलाई, 2025. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी आजकल सुर्खियों में है. उनका एक बार फिर टीवी शो में वापसी करना असली वजह है. टीवी धारावाहिक ‘ क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में वापसी के साथ ये कयास लगाए जा रहे थे कि स्मृति ईरानी अब राजनीति छोड़ सकती हैं, लेकिन अब इस पर उन्होंने उन्होंने खुद खुलकर जवाब दिया है.

राजनीति से दूर नहीं जा रही स्मृति

स्मृति ईरानी ने उन सभी अटकलों को खारिज कर दिया कि वह राजनीति से दूर जा रही है और टीवी धारावाहिक’ क्योंकि सास भी कभी बहू थी ‘ में अपने किरदार’ तुलसी’ के रूप में वापसी के बाद अभिनय को ज्यादा समय दे रही है. उन्होंने कहा कि मैं राजनीति से दूर नहीं गई हूं, लेकिन मैं समझ रही हूं कि मुझे इसलिए टारगेट किया जा रहा, क्योंकि मैंने राहुल गांधी को हराया था.

राहुल के खिलाफ क्यों बदले तेवर ?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अब वो ज्यादा मुखर इसलिए नहीं है, क्योंकि अब ये उनकी जिम्मेदारी नहीं है. पूर्व सांसद ने राहुल गांधी पर ज्यादा बयान न देने के बारे में कहा, ” पहले यह मेरी जिम्मेदारी थी. अब नहीं है. ” बता दें कि, राहुल गांधी को उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश के गांधी परिवार के गढ़ अमेठी से हराया था. उन्होंने दावा किया कि अगर राहुल गांधी 2024 में भी उनके खिलाफ कांग्रेस के प्रत्याशी होते, तो वह उन्हें निश्चित रूप से हरा देती. इसीलिए राहुल अमेठी से चुनाव नहीं लड़े. 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने अमेठी से केएल शर्मा को मैदान में उतारा, जिन्होंने ईरानी को हराया था. जबकि राहुल गांधी रायबरेली और केरल के वायनाड से जीते थे.

गांधी परिवार ने मेरे खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी ने एक इंटरव्यू में कहा कि गांधी परिवार ने 2024 में मुझसे लड़ने से इनकार कर दिया. मैं क्या कर सकती हूं जब वे युद्ध के मैदान में उतरे ही नहीं? मैं बस उनका पीछा नहीं कर सकती.

फिर लड़ सकती हूं चुनाव : स्मृति

स्मृति ईरानी ने कहा कि मैं कोई राजनीतिक संन्यास नहीं ले रही हूं. भला 49 साल उम्र में कौन सा संन्यास लेता है? लोग 49 साल की उम्र में अपना राजनीतिक करियर भी शुरू नहीं कर पाते. मैं तीन बार सांसद रह चुकी हूं. पांच विभागों की मंत्री रही हूं. अभी लंबा रास्ता तय करना है. यह पूछे जाने पर की क्या वह 2029 का चुनाव अमेठी से लड़ेंगी? उन्होंने कहा मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकती की पार्टी क्या फैसला करेगी, लेकिन हो सकता है कि पार्टी 2026 में या 2025 में ही कुछ फैसला करे.