झालावाड़ हादसा : स्कूल में दब गई मासूमों की किलकारियां, मलबे में बच्चों को ढूंढ रहे थे परिजन

नई दिल्ली से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
राजस्थान में झालावाड़ के मनोहर थाना इलाके में हुए स्कूल हादसे से पूरा राजस्थान कांप उठा है. हादसे में सात बच्चों की मौत से पिपलोद गांव में उनके परिजनों की चित्कारें उठ रही है. जाने कैसे थे मौके के हालात

नई दिल्ली/ जयपुर/ झालावाड़ / हैदराबाद, 25 जुलाई, 2025. राजस्थान के झालावाड़ में जिले के मनोहर थाना इलाके के पिपलोद गांव में हुए स्कूल हादसे से पूरा राजस्थान कांप उठा है. इस हादसे में जर्जर सरकारी सिस्टम के कारण सात बच्चों की मौत हो गई और करीब 30 बच्चे घायल हो गए. जहां 10 की हालत नाजुक बनी हुई है. हादसे के बाद पिपलोद गांव में कोहराम मचा हुआ है. हादसे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. हादसे में गंभीर रूप से घायल बच्चों का झालावाड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 50 साल पुराना सरकारी स्कूल का भवन ढहने के बाद वहां का भयावा मंजर दिखाई दे रहा है. स्कूल की छत ढहते ही वहां बच्चों में चीख पुकार मच गई. सूचना पर मौके पर पहुंचे ग्रामीण और परिजन भयावह हालात देखकर बदहवाश हो गए. वे पत्थरों के नीचे दबे अपने बच्चों को तलाशने में जुट गए. बच्चों की चीख पुकार ग्रामीणों का कलेजा चीर दे रही थी. हालांकि, हादसे के बाद जब तक रेस्क्यू टीम पहुंची तब तक चार बच्चे दम तोड़ चुके थे. ग्रामीणों को समझ में नहीं आ रहा था कि वे कैसे बच्चों को मलबे से बाहर निकाले. सुबह-सुबह हुई इस घटना के बाद दिन चढ़ने के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा बढ़ता चला गया. चार बच्चों की मौत से शुरू हुआ यह आंकड़ा दोपहर 12 बजते – बजते 7 तक जा पहुंची.
ग्रामीणों के चेहरे गुस्से से हुए लाल
यह स्कूल 50 साल पुराना है और हादसा सातवीं के कक्षा रूम में हुआ. स्कूल की जर्जर हालत के बारे में ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से चर्चा की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ. फिलहाल पिपलोद गांव में पुलिस प्रशासन और नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है. सरकारी जर्जर सिस्टम के कारण अपने नौनिहालों को खो चुके परिजन बिलख रहे हैं. सिस्टम की खामी के कारण एक गांव के साथ बच्चों की मौत से ग्रामीणों के चेहरे गुस्से से लाल हो रहे हैं. परिजन रोते बिलखते हुए घंटों तक रेस्क्यू टीम के साथ मलबे में अपने बच्चों को खोजते रहे.
बीजेपी– कांग्रेस एक दूसरों को दोष देने में जुटे हैं .
फिलहाल गांव में चित्कारें उठ रही हैं. हादसे में मारे गए बच्चों के परिजनों को संभालना ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो रहा है. इस बीच इस मसले पर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष कांग्रेस के नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला बदस्तूर जारी है. सभी एक दूसर को दोष देने में लगे हैं. इस बीच यह खबर आई है कि स्कूल के प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है .