मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़, 8 की मौत 23 घायल


हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट

लाशें बिखरी हुई थी और वे हमारे बच्चों के ऊपर से…, चश्मदीद ने बताया मनसा देवी मंदिर मार्ग भगदड़ की कहानी. 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए. इन घायलों में कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल थी. घटना रविवार सुबह करीब 9 बजे की है जब लोग मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे

हरिद्वार/ हैदराबाद, 27 जुलाई, 2025. हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर मची भगदड़ में कम से कम 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए हैं. इन घायलों में कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल थी . घटना रविवार सुबह करीब 9 बजे की है जब लोग मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहे थे. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस दौरान भीड़ में से किसी ने मार्ग पर बिजली के तार होने की अफवाह फैला दी. ऐसे में खुद को करंट से बचने के लिए लोग भागने की कोशिश करने लगे और भगदड़ मच गई . मंदिर तक पहुंचाने के पैदल रास्ता केवल एक ही है जो काफी संकरा है. ऐसे में वहां भीड़ लगी रहती है. रविवार सुबह भी ऐसे ही स्थिति थी और जब भगदड़ मची तो कई लोगों को भगाने की जगह नहीं मिली और वह भीड़ में दब गए . इस बीच एक चश्मदीद का बयान सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का खौफनाक मंजर बयां करते हुए वह रो पड़ी. उन्होंने बताया कि हम दर्शन के लिए गए थे. मंदिर का मुख्य द्वार बंद था क्योंकि अंदर भारी भीड़ थी. लोग उस तरफ से भागे और एक दूसरे के ऊपर से कूद पड़े. वे मेरे बच्चे और मेरे सिर के ऊपर से भागे.लाशें भी बिखरी पड़ी थी. वहीं बिहार के एक श्रद्धालु ने बताया कि मंदिर में अचानक भारी भीड़ जमा हो गई थी. जैसे ही लोगों ने भीड़ से बाहर निकलने की कोशिश की, वह गिर गया और उसका हाथ टूट गया. उसने बताया, भागने की कोशिश में लोग गिर पड़े .

मंदिर से करीब 100 मीटर नीचे सीढियों के पास फैली अफवाह

इस बीच हरिद्वार के एडिशनल पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि सुबह 9 बजे भगदड़ मच गई. भगदड़ के बाद 35 लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया है जिसमें 8 की मौत हो गई है, बाकी लोगों का इलाज चल रहा है.

मुख्यमंत्री धामी का घटना पर पूरी नजर

मनसा देवी मंदिर मार्ग हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया है. जबकि उत्तराखंड एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं. जबकि मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी का कहना है कि जांच अफवाह वाले एंगल से भी की जा रही है.

चप्पलें, चूड़ियां और चीख पुकार, हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर की सीढीयों पर बिखरे दर्द की कहानी रह गई है.

सावन का पवित्र दिन और भक्ति से भरी सुबह.सिर पर चुनरी और हाथों में प्रसाद फूल लिए हजारों श्रद्धालु मनसा देवी मंदिर की सीढ़ियों पर उमड़े थे. लेकिन कुछ ही पलों में वह आस्था चीखपुकार में बदल गई और सीढियों पर बिखरी रह गई तो बस चप्पलें और टूटी हुई चूड़ियां. इस खौफनाक मंजर की वजह थी वो एक आवाज जिसने लोगों में सीढियों पर करंट वाले बिजली तार की अफवाह फैला दी और इसी अफवाह ने श्रद्धा को मातम में बदल दिया.

इनकी हुई मौत
वकील(45), आरुष (6), विशाल(19), विपिन (18), शांति देवी(60), राम भरोसे (65), अज्ञात(19) और विक्की (25).भगदड़ में मारे गए और घायलों में ज्यादातर यूपी और बिहार के श्रद्धालु उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग में रविवार सुबह भगदड़ मत जाने से 8 श्रद्धालुओं की मौत हुई जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. मारे गए और घायल हुए लोगों में सबसे ज्यादा यूपी और बिहार के लोग हैं.

प्रदेश सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2–2 लाख रुपए और घायलों को 50–50 हजार रुपए की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की गई है. वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना. खबर है कि मुख्यमंत्री ने हादसे के मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं.