
हैदराबाद में सरोगेसी और स्पर्म तस्करी का बड़ा रैकेट बेनकाब, डॉ. नम्रता समेत 10 अरेस्ट

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट
एक दंपति ने 3 साल पहले 30 लाख रुपए देकर सरोगेसी प्रक्रिया करवाई थी, लेकिन बच्चा होने के बाद डीएनए जांच की मांग पर डॉक्टर टालमटोल करते रही. इसके बाद उन्होंने दिल्ली में डीएनए जांच कराई, जिस डॉक्टर की पोल खुल गई
हैदराबाद/ सिकंदराबाद, 28 जुलाई, 2025. तेलंगाना राज्य के हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित एक फर्टिलिटी क्लीनिक में अवैध सेरोगेसी और स्पर्म तस्करी रैकेट का खुलासा हुआ है. इस मामले में पुलिस ने यूनिवर्सल सृष्टि फर्टिलिटी केंद्र की प्रबंधक डॉक्टर नम्रता समेत 10 लोगों को अरेस्ट किया है. दरअसल, पुलिस की यह कार्रवाई एक दंपति की शिकायत के बाद की गई, जिन्होंने डीएनए जांच में पाया कि सरोगेसी से जन्मा बच्चा उनसे जेनेटिक रूप से जुड़ा नहीं है.
डीएनए टेस्टिंग ने खोल दी पोल
हैदराबाद नॉर्थ जोन की डीसीपी रश्मि पेरूमल के मुताबिक, यह रैकेट गरीब लोगों को लालच देकर सरोगेसी बनवाने और प्रजनन सामग्री की अवैध अंतरराजकीय तस्करी में शामिल था. राजस्थान से आए एक दंपति ने 3 साल पहले 30 लाख रुपए देकर सरोगेसी प्रक्रिया करवाई थी, लेकिन बच्चा होने के बाद डीएनए जांच की मांग पर डॉक्टर टालमटोल करते रही. जब दिल्ली में कराई गई स्वतंत्र डीएनए जांच में सच्चाई सामने आई, तो डॉक्टर नम्रता ने ” गलती” स्वीकार की और समय मांगा, लेकिन फिर वह कहीं चंपत हो गई.
पुलिस ने देर रात क्लीनिक पर छापा मारा
इसके बाद पुलिस ने देर रात क्लीनिक पर छापा मारा और वहां से कई दस्तावेज एवं स्पर्म सैंपल जब्त किए. इस मामले की जांच में सामने आया कि यह क्लीनिक गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में स्पर्म और एग्स की अवैध सप्लाई भी कर रहा था. असल में यह एक बिना लाइसेंस वाली कंपनी’ इंडियन स्पर्म टेक ‘ के साथ मिलकर काम कर रहा था. पुलिस ने इस कंपनी के रीजनल मैनेजर पंकज सोनी समेत 7 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है .
पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी हैदराबाद की पुलिस
डॉक्टर नम्रता पर यह भी आरोप है कि उन्होंने एक महिला को हैदराबाद से विशाखापट्टनम फ्लाइट से भेजा और दंपति को यकीन दिलाया कि इस महिला से उनका बच्चा हुआ है . पुरी साहब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. आशंका है कि इसमें और भी फर्टिलिटी क्लिनिक और एजेंट शामिल हो सकते हैं.