हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट
जनवरी 1948 में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके लिए उसे फांसी की सजा हुई. घटना के 77 साल बाद भी इस पर सवाल — जवाब और बहस जारी है. इस कड़ी में बीजेपी की वरिष्ठ राजनेत्री उमा भारती का बयान…
भोपाल/ हैदराबाद, 13 अगस्त, 2025. नाथूराम गोडसे ने जो पाप किया है, वो आतंकवाद शब्द से पर्याप्त नहीं हो सकता. ये शब्द हिंदुत्व की राजनीति और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाली
बीजेपी की वरिष्ठ राजनेत्री उमा भारती के हैं. उन्होंने एक हालिया इंटरव्यू में गांधी– गोडसे पर खुलकर बयान दिए हैं. उमा भारती ने नाथूराम को लेकर और क्या कुछ कहा ? सबसे पहले बता दें कि जनवरी 1948 में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके लिए उसे फांसी की सजा हुई. घटना के 77 साल बाद भी इस पर सवाल – जवाब और बहस जारी है . इसी सिलसिले में एक न्यूज़ चैनल पर इंटरव्यू के दौरान वरिष्ठ भाजपा राजनेत्री उमा भारती से हिंदू के आतंकवादी होने से जुड़ा सवाल पूछा गया, जिसमें लोगों द्वारा गोडसे को पहला आतंकवादी होने की बात कहे जाने का जिक्र किया गया . उमा भारती से पूछा गया, हिंदू कभी आतंकवादी नहीं हो सकता. वहीं दूसरी तरफ तर्क दिया जाता है कि देश का पहला आतंकवादी नाथूराम गोडसे था. इस पर उमा भारती ने कहा, मैं इसके बारे में कुछ नहीं कर सकती. क्योंकि नाथूराम गोडसे ने जो पाप किया है, वो आतंकवाद शब्द से पर्याप्त नहीं हो सकता. उमा भारती ने कहा, उसने एक ऐसे व्यक्ति को मारा है, जो सपना देख रहा था कि आजाद भारत कैसा होगा. वो लीड कर रहे थे आजाद भारत के मूवमेंट को. इसके बाद उमा भारती ने कहा कि उन्होंने जो कल्पना की थी कि वो आत्मनिर्भर भारत की थी . आत्मनिर्भर भारत अपनी आत्मा पर निर्भर होगा. वो विदेशी कर्ज पर निर्भर नहीं होगा. उमा भारती ने जोर देते हुए कहा कि गांधी के उस सपने की हत्या करने वाले को केवल आतंकवाद शब्द बोलकर उसका पाप कम नहीं कर सकते.