मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने विंध्य में किसानों को नहीं दिया धान का बोनस

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट

खाद के लिए बड़ी लड़ाई लड़ने की जरूरत. तैयार रहें किसान– शिव सिंह. किसान संघर्ष समिति ने चोरगड़ी मंढ़ी खुर्द गंगेव पहरखा और अगड़ाल में आयोजित किया किसान पंचायत

रीवा / हैदराबाद, 29 सितंबर 2025. खाद संकट एवं आवारा पशु समस्या और किसानों को पर्याप्त बिजली – पानी की व्यवस्था सहित राष्ट्रीय मुद्दों एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने, राष्ट्रीय कृषि बाजार नीति रद्द करने, किसानों की संपूर्ण कर्ज माफ एवं फसल बीमा सह आदिवासी मजदूर की समस्याओं को लेकर किसान संघर्ष समिति ने पिछले दिनों चोरगड़ी मढ़ी, खुर्द गंगेव, पहरखा एवं अगड़ाल में किसान अधिकार यात्रा एवं किसान पंचायतों का आयोजन किया. जिसका नेतृत्व किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने किया. वहीं, किसान पंचायत सभा को राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता शिव सिंह, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह शंखू, प्रदेश सचिव शत्रुघ्न यादव, संभागीय संयोजक एड पुष्पेंद्र सिंह, संभागीय महासचिव प्रदीप बंसल, जिला अध्यक्ष यदुवंश प्रताप सिंह एवं संयुक्त किसान मोर्चे से किसान नेता हरिशंकर सिंह, राजरतन पटेल, राजेश पटेल ने संबोधित किया . इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारें किसान और किसानी सहित गांव को नुकसान पहुंचा कर जमीने अदानी और अंबानी को सौंपना चाहती हैं . डॉ सुनीलम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 40 लाख हेक्टेयर पर धान पैदा करने वाले किसानों को 1 लाख 60 करोड़ 4 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर बोनस देने का वादा किया था लेकिन सिर्फ 350 करोड रुपए ही जारी किए जिसमें रीवा और मऊगंज के अंदर 10 फ़ीसदी भी किसानों को 4 हजार रुपए का बोनस भी नहीं मिला. सरकार कहती हैं कि ₹40 प्रति गाय किसानों को दे रहे हैं लेकिन प्रदेश के 25 फ़ीसदी किसानों को यह राशि नहीं मिली जबकि मोहन सरकार ने गो मांस पर जीएसटी शून्य लगाकर गंभीर अपराध किया है, उसकी सजा मोहन सरकार को भुगतनी पड़ेगी. ऐसा डॉ. सुनीलम का कहना है. इस मौके पर राष्ट्रीय प्रवक्ता शिव सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा उत्पन्न खाद संकट एवं आवारा पशु समस्या के चलते किसानों को खेती छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है लेकिन हमें पीछे नहीं हटाना है और लड़ाई तेज करनी है. कार्यक्रम के दौरान जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए. यात्रा एवं पंचायत में प्रमुख रूप से जिला सचिव अनिल मिश्रा, त्योंथर प्रखंड अध्यक्ष मनीष पटेल, सिरमौर प्रखंड अध्यक्ष गोविंद तिवारी, उपाध्यक्ष भरत कुशवहा, वाल्मीकि पटेल, भैया लाल पटेल, शत्रुघ्न सिंह गहरवार, राकेश सिंह सेंगर, गंगेव प्रखंड अध्यक्ष सरपंच बालेंद्र शेखर पटेल, खुशी लाल पटेल, सरपंच राजेंद्र कुमार पटेल, विनायक पटेल, राकेश चतुर्वेदी, गोपाल प्रसाद पटेल, कांतेश्वर सिंह, पूर्व सरपंच रमेश विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार आदिवासी, अवधेश पांडे, श्यामलाल साहू, मंगल प्रसाद साकेत, वीरभान कोल, रामायण पटेल, संतोष पटेल, पन्नालाल पटेल, समरजीत पटेल, महेंद्र पटेल, नागेंद्र पटेल, राजेश पटेल, रामाश्रय पटेल, जय लाल, विष्णु शंकर पटेल, अमृतलाल पटेल, जगदीश पटेल, मतिगेंद्र पटेल,कौशल पटेल, भीमसेन पटेल, रामदास पटेल, अशोक पटेल, मुरलीधर पटेल, दीपक पटेल, शेषमणि पटेल, सुरेश पटेल, रामजी पटेल व समरजीत पटेल समेत सैकड़ो की संख्या में किसान मजदूर और आदिवासी समाज के लोग मौजूद थे . इस आशय की जानकारी जिला सचिव अनिल मिश्रा ने दी है.