आईआईएम संबलपुर ने मनाया उत्कृष्टता दशक

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ के साथ संबलपुर संवाददाता चंद्रचूड़ सिंह की रिपोर्ट

11वें स्थापना दिवस पर बीएस प्रोग्राम हॉस्टल, कैफे हब परिसर एवं रंगबती ओपन थिएटर लोकार्पित.

संबलपुर/ हैदराबाद, 4 अक्टूबर 2025. आईआईएम संबलपुर ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, संस्थागत विकास एवं नवाचार के 10 वर्षों का जश्न मनाया. इस मौके पर संस्थान की तीन नई परिसरीय सुविधाओं का लोकार्पण किया गया और बाद में 11वें स्थापना दिवस का आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में किया गया. इन गौरवशाली 10 वर्षों ने आईआईएम संबलपुर की यात्रा को एक उभरते संस्थान से राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित प्रबंधन विद्यालय के रूप में स्थापित किया है. इस दौरान नए बीएस प्रोग्राम हॉस्टल, रंगबती ओपन थिएटर और कैफे हब परिसर का उद्घाटन किया गया. सुरम्य परिसर में निर्मित ये सुविधा विद्यार्थियों के आवास, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता जैसे जीवन के विविध पहलुओं को दर्शाती है. वहीं, आईआईएम संबलपुर की छात्र-छात्राओं को समग्र जीवन अनुभव उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करती है. दूसरे दशक की शुरुआत करते हुए संस्थान ने संकल्प व्यक्त किया कि वह विविध शैक्षिक कार्यक्रमों को सशक्त करेगा और अपने दृष्टिकोण– ट्रिपल क्रॉउन मान्यता प्राप्त, वैश्विक स्तर पर रैंकिंग वाले प्रबंधन संस्थान बनने — को साकार करेगा .

स्वागत भाषण में आईआईएम संबलपुर के निर्देशक प्रो. महादेव जेसवाल ने संस्थान की 10 महत्वपूर्ण उपलब्धियों को साझा किया.

उन्होंने कहा, ” पिछले 10 वर्षों में आईआईएम संबलपुर ने देश के 21 आईआईएम में अपनी अलग पहचान बनाई है. मात्र दो वर्षों में विश्व स्तरीय कैंपस का निर्माण कर 35 करोड रुपए की बचत की गई. जबकि एनआईआरएफ 2025 रैंकिंग में आईआईएम संबलपुर ने 16वें पायदान की छलांग लगाते हुए प्रबंधन संस्थानों में 50वें स्थान से 34वें स्थान पर पहुंचकर वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है. आईआईएम संबलपुर दुनिया का पहला संस्थान है जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस( एआई ) सक्षम क्लासरूम और शिक्षण मॉड्यूल्स को अपनाया है, जिससे शिक्षकों की भूमिका लेक्चरर से सक्रिय अधिगम के फैसिलिटेटर की बनी है. संस्थान ने 2019 से लगातार एमबीए बैचों में लैंगिक विविधता सुनिश्चित की है और मौजूदा द्वितीय वर्ष बैच में 76% छात्राएं अध्यनरत हैं . आईआईएम संबलपुर एएसीएसबी, बीजीए / एएमबीए और ईएफएमडी / ईक्विस जैसी अंतरराष्ट्रीय ‘ ट्रिपल क्रॉउन ‘ मान्यताओं के उन्नत चरण में है. मास्टर वीवर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत अब तक 80 बुनकरों को प्रशिक्षित किया गया है, जो आज डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं. ” इस मौके पर मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चयनित विद्यार्थियों को 1–1 लाख रुपए की छात्रवृत्ति प्रधान की. अपने संबोधन में मंत्री प्रधान ने कहा कि ” आईआईएम संबलपुर को इन 10 वर्षों में विश्व स्तरीय संस्थान बनाने में निदेशक प्रो. महादेव जेसवाल की भूमिका सराहनीय है. मंत्री प्रधान में इस अवसर पर मौजूद छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने बहुआयामी व्यक्तित्व का विकास किया है. उन्होंने कहा अच्छे संस्थान एकरस नहीं होते, वे केस स्टडीज तैयार करते हैं और आईआईएम संबलपुर इसका जीता जागता उदाहरण है. ” मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, आईआईएम संबलपुर ने क्षेत्रीय बुनकरों को सशक्त बनाने की जो अनूठी पहल की है, अत्यंत सराहनीय है. मंत्री प्रधान ने इस अवसर पर मास्टर वीवर्स को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए और आईआईएम संबलपुर से आग्रह किया कि वे संबलपुर की समृद्ध कला, संस्कृति और धरोहर पर एक केस स्टडी तैयार करें. इस मौके पर मंत्री रवि नारायण नायक, संबलपुर के डीएम सिद्धेश्वर बलीराम बोंदार, संबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हिमांशु लाल, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार भामू एवं संबलपुर नगर आयुक्त रेहान खत्री प्रमुख मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान 2024– 26 बैच के एमबीए शीर्ष विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. अंत में आईआईएम संबलपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी’ फाल्गुनी मोहंती के धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ.