13 करोड़ के सोने की फिल्म स्टाइल में तस्करी

मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई ने ” ऑपरेशन गोल्डन स्वीप ” के तहत अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है . 10.5 किलो 24 कैरेट सोना बरामद भी किया है. यह गिरोह दुबई, सिंगापुर, बैंकॉक और ढाका जाने वाले ट्रांजिट यात्रियों का इस्तेमाल करता था. इसमें एयरपोर्ट स्टाफ की भी मिलीभगत थी. इस गिरोह का नेटवर्क कई परतों में फैला हुआ था.डीआरआई अब अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और मनी ट्रेल की जांच कर रहा है व आर्थिक सुरक्षा के लिए लगातार कार्रवाई करने की बात कह रहा है.


मुंबई/ हैदराबाद, 12 अक्टूबर 2025. राजस्व खुफिया निदेशालय ( डीआरआई ) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रहे सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है . इस ऑपरेशन को ” ऑपरेशन गोल्डन स्वीप ” नाम दिया गया है. इस कार्रवाई में डीआरआई की टीम ने 10.5 किलो 24 काह विदेशी सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत अब 12. 58 करोड रुपए बताई जा रही है. इस मामले में अब तक 13 तस्करों को अरेस्ट किया गया है, जिनमें 2 बांग्लादेशी, 6 श्रीलंकाई नागरिक और 2 एयरपोर्ट कर्मचारी ( मीट –एंड — ग्रीट सेवा से जुड़े), 2 हैंडलर और 1 मास्टरमाइंड शामिल हैं.

कैसे करते थे तस्करी ?

जांच में खुलासा हुआ है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का संगठित गिरोह था, जो बेहद चालाकी से सोने की तस्करी कर रहा था. तस्कर दुबई से सिंगापुर, बैंकॉक और ढाका जाने वाले ट्रांजिट यात्रियों को करियर की तरह इस्तेमाल करते थे. यह यात्री सोनी को मोम से बने अंडाकार कैप्सूल के अंदर छिपकर अपने शरीर में रखकर लाते थे. मुंबई पहुंचने के बाद, यह ट्रांजिट पैसेंजर एयरपोर्ट के अंतर्राष्ट्रीय डिपार्चर एरिया में मौजूद अपने साथियों, एयरपोर्ट स्टाफ को सोना सौंप देते थे. एयरपोर्ट स्टाफ इस सोने को गुपचुप तरीके से बाहर निकाल कर हैंडलर्स और रिसीवर्स तक पहुंचाते थे, जो आगे मास्टरमाइंड के संपर्क में रहते थे.

कैसे काम करता था गिरोह का नेटवर्क ?

यह नेटवर्क मुंबई और दुबई में बैठे सरगनाओं द्वारा संचालित किया जा रहा था. इसमें कई परतों में लोग शामिल थे. ट्रांजिट करियर, एयरपोर्ट कर्मचारी, हैंडलर और रिसीवर, जिससे पुलिस को पकड़ना मुश्किल हो सके. यह भी बात सामने आया कि तस्करी गिरोह अब एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील इलाकों के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं, जिससे अंदरूनी खतरा बढ़ता जा रहा है . डीआरआई अब इस गिरोह के अन्य अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों और मनी ट्रेल जांच कर रही है. एजेंसी के मुताबिक, वह देश की आर्थिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए ऐसी तस्करी करने वाले नेटवर्क पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखेगी.