लाखों की घूस, करोड़ों की काली कमाई… पंजाब के घूसखोर डीआईजी पर कसा शिकंजा

हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
डीआईजी की कोठी से नोटों के इतने बंडल मिले थे कि जांच अधिकारी भी देख कर हैरान हो गए. कई घंटे की गिनती के बाद पता चला कि डीआईजी और उनके करीबी के घर से करीब 7.5 करोड़ कैश मिले और ढाई किलो सोना मिला. कई जगह जमीन और फ्लैट के दस्तावेज भी मिले
चंडीगढ़/ हैदराबाद, 22 अक्टूबर, 2025. पंजाब के घूसखोर डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर बीते कुछ दिनों से सुर्खियों में है . डीआईजी भुल्लर को सीबीआई ने 5 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. जिसके बाद डीआईजी की कोठी सहित अन्य ठिकानों पर हुई छापेमारी में करोड़ों की काली कमाई मिली थी. डीआईजी की कोठी से नोटों के इतने बंडल मिले थे कि जांच अधिकारी भी देख कर अचंभित हो गए. कई घंटों की गिनती के बाद पता चला कि डीआईजी और उनके करीबी के घर से करीब 7.5 करोड़ कैश मिले. ढाई किलो सोना मिला. कई जगह जमीन और फ्लैट के दस्तावेज भी मिले.
पंजाब सरकार ने डीआईजी को किया सस्पेंड.
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब पंजाब सरकार ने डीआईजी भुल्लर पर सख्त एक्शन लिया है. भ्रष्टाचार के प्रति अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आईपीएस अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया है.
करप्शन के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति: मुख्यमंत्री

एक बयान में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भ्रष्टाचार– मुक्त शासन राज्य सरकार के नैतिक मूल्य का आधार है, जो पिछले 4 वर्षों में सरकार की कार्रवाइयों से स्पष्ट रूप से झलकता है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शे बिना जीरो टॉलरेंस नीति को बरकरार रखा है. भगवंत मान ने बताया कि इसी नीति के तहत हाल ही में एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किए गए आईपीएस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है.
जनसेवा में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई जनसेवा में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है. भगवंत मान ने कहा कि भ्रष्ट गतिविधियों से जनता का विश्वास कमजोर होता है और देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न होती है.
16 अक्टूबर से ही निलंबित माने जाएंगे डीआईजी भुल्लर
इसलिए सरकार ने इस खतरे को खत्म करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. भगवंत मान ने घोषणा की कि डेप्युटी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस को 16 अक्टूबर 2025 से निलंबित माना जाएगा.