साहित्य सेवा समिति की 128वीं मासिक गोष्ठी संपन्न

हैदराबाद, 29 अक्टूबर, 2025. बीते दिनों साहित्य सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. दयाकृष्ण गोयल एवं महामंत्री ममता जायसवाल की मौजूदगी में साहित्य सेवा समिति की 128वीं मासिक गोष्ठी आयोजित की गई. दो सत्रों में आयोजित हुई गोष्ठी के प्रथम सत्र में हिंदी के प्रचार प्रसार में राजनीतिक एवं गैर राजनीतिक संगठन के योगदान पर खुलकर चर्चा की गई. कार्यक्रम का आरंभ हर्ष लता दुधोडिया के सरस्वती वंदन एवं अध्यक्ष डॉ. दयाकृष्ण गोयल के स्वागत भाषण के उपरांत हुआ. गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रख्यात कवि पुरुषोत्तम कड़ेल ने कहा कि हिंदी के प्रति राजनीतिक प्रतिबद्धता आवश्यक है. वहीं, विषय को गहन चिंतन देते हुए श्रुतिकांत भारती ने दृष्टांतों द्वारा हिंदी के प्रचार प्रसार में राजनीतिक एवं गैर राजनीतिक संगठनों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया और देश विदेश में इसके बढ़ते प्रभाव व उज्जवल भविष्य की उद्घोषणा की. जबकि दर्शन सिंह ने प्रारंभिक संगठनों से अर्वाचीन संगठनों की सेवाओं को लेकर चर्चा की . चर्चा में भाग लेते हुए गिरधारी लाल गुप्ता, विशिष्ट साहित्यकार गीता अग्रवाल, सुनीता लुल्ला, रचना चतुर्वेदी, केपी अग्रवाल और ममता जायसवाल ने भी कार्यालयों में हिंदी की प्रतिबद्धता को अनिवार्य बताया एवं बच्चों में हिंदी के प्रति प्रोत्साहन को आवश्यक बताते हुए हिंदी के प्रयोग पर विशेष बल दिया. प्रथम सत्र के उपरांत गोष्ठी के संचालन प्रसिद्ध कवियित्री गीता अग्रवाल काव्य गोष्ठी का संचालन किया. काव्य गोष्ठी में जिन कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की उनमें कवि चंद्रप्रकाश दायमा, कवि पुरुषोत्तम कड़ेल, बैजनाथ सुनहरे, दर्शन सिंह, गिरधारी लाल गुप्ता, रचना चतुर्वेदी, हर्ष लता दुधोरिया, नीमा रवि, विनोद गिरि अनोखा, केपी अग्रवाल, गीता अग्रवाल, ममता जायसवाल, सुनीता लुल्ला समेत डॉ. दया कृष्णा गोयल प्रमुख थे. जबकि आयोजित गोष्ठी में डॉ सुषमा सिंह, गजानन पांडे, सुपर्णा मुखर्जी एवं वर्षा शर्मा ने प्रमुख उपस्थित रहे. आयोजित गोष्ठी का समापन डॉ. दया कृष्ण गोयल के बतौर अध्यक्ष उद्बोधन एवं ममता जायसवाल के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के बाद हुआ.