संसद में घमासान के आसार

ईरान पर जिस तरह से इजरायल और अमेरिका ने हमला किया, उसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव के हालात हैं. वहीं, संसद के बजट सत्र में दूसरे चरण के पहले दिन आज यह मुद्दा उठ सकता है. लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस ने नोटिस दिया है. जबकि आज ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेकर भी निर्णय के आसार हैं.

नई दिल्ली, 9 मार्च 2026. संसद के बजट सत्र का आज यानी 9 मार्च सोमवार से दूसरा सत्र शुरू हो रहा है. पहले दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों की ओर से दिए गए नोटिस पर विचार होगी. पहले दिन की कार्यवाही में ही इस विषय को लिस्टेड किया गया है . दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से लोकसभा और राज्यसभा में पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर चर्चा को लेकर भी नोटिस दिया गया है. जानकारी यह भी है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर संसद में इस मुद्दे पर अपनी बात रख सकते हैं.

मनीष तिवारी दिया कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया है. इस नोटिस में कहा गया है कि ‘ पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से उत्पन्न गंभीर चिंताओं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा एवं इसके प्रभावों पर विमर्श करने के लिए सदन में प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यवाहियों को स्थगित कर दें.

राज्यसभा में सुरजेवाला का नोटिस

उधर, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत बिजनेस नोटिस सस्पेंशन का नोटिस दिया है. इसमें पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम और तनाव से भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर तत्काल चर्चा की मांग की गई है.

ओम बिरला के विरुद्ध प्रस्ताव पर होगा फैसला
दूसरी तरफ, लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध प्रस्ताव पर आज 9 मार्च निर्णय हो सकता है. इस पर पीठासीन सभापति की तरफ से बुलाए जाने पर सदन के 50 सदस्यों को नोटिस के समर्थन खड़ा होना होगा. फिर प्रस्ताव सदन के विचार के लिए स्वीकृत माना जाएगा. अगर 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है. वहीं, सत्तारुढ बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार के वक्त सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है.

प्रस्ताव पर सदन में क्या होगा ?

ओम बिरला को स्पीकर पद से हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के तीन सदस्य मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लू रवि सदन की अनुमति मांगेंगे. कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन मिलने के बाद यह प्रस्ताव सदन में चर्चा और मतदान के लिए रखेंगे. संविधान के मुताबिक, लोकसभा स्पीकर नोटिस पर विचार किए जाने के दौरान सदन में मौजूद रह सकते हैं एवं प्रस्ताव पर वे अपना पक्ष रख सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन जब इस विषय पर चर्चा शुरू होगी तब वे कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते. हालांकि, ओम बिरला संभवत : सत्ता पक्ष की प्रमुख पंक्तियों में बैठ सकते हैं, लेकिन नियम इस बारे में स्पष्ट नहीं है.