अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, गृह मंत्री के बयान पर हंगामा
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिस पर लंबी चर्चा चली. गृह मंत्री अमित शाह ने उस पर जवाब दिया. चूंकि किसी ने वोटिंग की मांग नहीं की, इसलिए प्रस्ताव खारिज कर दिया गया
नई दिल्ली, 11 मार्च 2026. लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर बुधवार को तीखी बस हुई. गृह मंत्री अमित शाह ने बहस का जवाब देते हुए कहा, अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना सामान्य घटना नहीं है. यह खेदपूर्ण घटना है. अध्यक्ष किसी एक पार्टी के नहीं होते. इसी दौरान गृह मंत्री ने विपक्ष को चुनौती दी. उन्होंने कहा, आप चाहें तो प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आइए. लेकिन अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ठीक नहीं है. गृह मंत्री ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी की ही सरकार थी जब चीन ने अक्साई चिन हड़प लिया. ये लोग डोकलाम के समय चीनी दूतावास में बैठकर मीटिंग कर रहे थे. चीन के साथ कांग्रेस ने एमओयू साइन किया है. नेहरू सरकार में चीन ने अक्साई चिन कब्जाया. गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया. क्योंकि किसी ने वोटिंग की मांग नहीं की, इसलिए वोटिंग नहीं कराई गई. दरअसल, यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने पेश किया था, जिसे 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला . प्रस्ताव को सदन में पेश करने की अनुमति बीजेपी के सांसद जगदंबिका पाल, जो उसे समय पीठासीन थे, ने दी. उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया था. जबकि विपक्ष की ओर से कुल 118 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं. उनका आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष ने अपने पद की निष्पक्षता बनाए रखने के बजाय कई मामलों में सत्ता पक्ष का साथ दिया है.
व्यक्तिगत विरोध नहीं— विपक्ष
बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं लाया गया, बल्कि संसद की गरिमा की रक्षा के लिए लाया गया. अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से बुधवार को भी चर्चा हुई, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद जोरदार हंगामा शुरू हो गया. क्योंकि किसी ने वोटिंग की मांग नहीं की, इसलिए वोटिंग नहीं कराई गई और लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया. इसके साथ ही सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई.