‘ सांसद भारत की जनता की आवाज ‘ राहुल गांधी बोले– कई बार मुझे बोलने से रोका जाता है
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
राहुल गांधी अक्सर संसद में बोलते हुए बीजेपी सरकार पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया है, जिसमें वे जोर देते हैं कि सांसद किसी एक पार्टी के नहीं है और उन्हें जनता के मुद्दों पर बोलने से नहीं रोका जाना चाहिए. ऐसी घटनाएं संसद में विरोध प्रदर्शन और गुस्से का कारण बनती है, जहां विपक्षी नेता अपनी बात रखने के लिए समय और स्वतंत्रता की मांग करते हैं.
नई दिल्ली, 11 मार्च 2026. राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए कहा कि कई बार सदन में उन्हें बोलने से रोका गया. राहुल गांधी ने कहा कि सदन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अध्यक्ष की भूमिका पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार उनका नाम लेकर उनके बारे में गलत बातें कही जाती हैं, लेकिन जब वह जवाब देने या अपनी बात रखने के लिए खड़े होते हैं तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पिछली बार जब उन्होंने बोलने की कोशिश की थी, तब उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कुछ ‘ समझोंतों ‘ पर बुनियादी सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन उन्हें बार-बार रोक दिया जाता है . यहां चर्चा जम्हूरियत प्रक्रिया और अध्यक्ष की भूमिका के बारे में है. कई बार मेरा नाम लिया गया है और मेरे बारे में अजीब बातें कही गई है. यह सदन भारत के लोगों की आवाज है. यह किसी एक पार्टी को नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है. हम जब बोलने के लिए उठते हैं, तो हमें बोलने से रोक दिया जाता है. पिछली बार जब मैंने बात की थी, तो हमारे पीएम द्वारा किए गए समझौते के बारे में एक बुनियादी सवाल आया था…
रवि शंकर प्रसाद ने किया पलटवार
बीजेपी की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिया. राहुल गांधी के दावों को गलत बताते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, ” मैं एल ओ पी को याद दिलाना चाहता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी से कभी समझौता नहीं किया जा सकता. मैं एक और बात कहूंगा, क्या पॉइंट ऑफ ऑर्डर में बहस की इजाजत है? नहीं है. ” इसके बाद रविशंकर प्रसाद ने स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष के ले गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा, ” मुझे यह मोशन समझ नहीं आ रहा है. हालांकि, कांग्रेस के गौरव गोगोई ने पूछा की किताब को को करने में क्या दिक्कत है. किताब, जो कभी पब्लिश नहीं हुई, सर्कुलेट हो गई. कोई इसे कैसे ऑथेंटिकेट कर सकता है ?