घर की रसोई तक पहुंची युद्ध की आंच

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी के कारण रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति में पहुंच गई है. हैदराबाद होटल संगठन के प्रेसिडेंट एमडी रब्बानी के मुताबिक, स्टॉप की कमी से कामकाज प्रभावित हो रहा है. हालांकि, सरकार ने घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए गैस सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखने और रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है.

हैदराबाद, 11 मार्च 2026. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से भारत में एलपीजी की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है. पिछले 7 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी. जबकि आज 11 मार्च को पटना, कोलकाता, नई दिल्ली, लखनऊ और हैदराबाद जैसे शहरों में सिलेंडर की कीमत 1,002 रुपए के पार पहुंच गई है. पश्चिम एशिया में गहराते संकट और युद्ध के हालातों ने अब भारत की रसोई तक भी असर दिखाना शुरू कर दिया है. भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले ऑयल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई चेन बुद्धि तरह प्रभावित हुई है. इस संकट का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है. पिछले 7 मार्च को ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी, इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले नॉन- सब्सिडाइज्ड सिलेंडर की कीमत 913 रुपए हो गई है .वहीं, कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी करीब 115 रुपए तक बढ़ गए हैं, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 1883 रुपए तक पहुंच गई है.

सप्लाई में कमी से होटलों में हाहाकार

सिर्फ कीमतों का बढ़ना ही चिंता की बात नहीं है, बल्कि अब मार्केट में एलपीजी की किल्लत की खबरें भी डराने लगी है. मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, भुवनेश्वर और लखनऊ समेत और कई अन्य शहरों के होटलों और रेस्टोरेंट्स से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं. सप्लाई में आई इस रुकावट की वजह से होटल कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है. जबकि आने वाले दिनों में अगर हालात नहीं सुधरे, तो बाहर खाना और भी महंगा हो सकता है. क्योंकि कमर्शियल गैस की कमी की वजह से लागत बढ़ती जा रही है .

क्यों बढ़ रहे हैं गैस के दाम ?
भारत अपनी रसोई गैस की कल जरूर का लगभग 60% हिस्सा आयात यानी इंपोर्ट करता है. इसमें से 80 से 90% हिस्सा कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत जैसी खाड़ी देशों से आता है. लेकिन इस समय सबसे बड़ी समस्या
लॉजिस्टिक्स यानी माल ढुलाई की है . खाड़ी देशों से आने वाले अधिकतर एलपीजी जहाज ‘ स्ट्रेट ऑफ हॉमुर्ज ‘ से होकर गुजरते हैं, जो फिलहाल युद्ध की वजह से सबसे अधिक तनाव वाला इलाका बना हुआ है. वहीं, जहाज का रास्ता बदलने और इंश्योरेंस का खर्च बढ़ने की वजह से भारत तक गैस पहुंचना काफी महंगा और मुश्किल हो गया है. आज 11 मार्च 2026 को देश के अलग-अलग शहरों में एलपीजी सिलेंडर के दाम अलग-अलग है. ट्रांसपोर्ट और लोकल टैक्स की वजह से इनमें थोड़ा अंतर देखा जा रहा है. दिल्ली में यह 913 रुपए, कोलकाता में इसकी कीमत 939 रुपए हैं . लेकिन सबसे अधिक मार पटना के लोगों पर पड़ी है, जहां सिलेंडर की कीमत 1,002.50 रुपए तक पहुंच गई है. जबकि हैदराबाद में इसकी कीमत 965 के करीब है. यही हालत लखनऊ और बेंगलुरु का है .

10 वाली चाय ₹20 में, मटर पनीर– गोलगप्पे भी महंगे

अमेरिका– इजरायल और ईरान में छिड़े युद्ध का सीधा असर भारत में एलपीजी संकट के रूप में देखने को मिल रहा है. सिलेंडर की कीमतों में पहले ही बढ़ोतरी की जा चुकी है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के ऑर्डर रुकने से होटल रेस्टोरेंट से जुड़े छोटे- बड़े कारोबारियों की चिंता चरम पर है. कमर्शियल गैस सिलेंडर के आर्डर पर पाबंदी से हड़कंप मचा हुआ है. इसका सीधा असर सुबह के चाय नाश्ते और डिनर तक पर देखने को मिल रहा है. चाय 15 से 20 रुपए और डिनर के वक्त सब्जी प्लेट महंगी दिखती है. इस बीच दुकानदार सिलेंडर के लिए 2000 से 2500 तक की बोलियां भी लगा रहे हैं.