गेल ने पावर प्लांट को गैस सप्लाई रोकी, अंधेरे में डूब सकता है बेंगलुरु, ईरान युद्ध का असर
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
ईरान युद्ध के कारण देशभर में गैस का संकट पैदा हो गया है. इसका बड़ा असर बेंगलुरु पर दिखाई दे सकता है. गेल ने येलाहांका पावर प्लांट को गैस की सप्लाई बंद कर दी है.
बेंगलुरु, 12 मार्च 2026. ईरान युद्ध के कारण खाड़ी देशों में तेल और गैस सप्लाई का असर भारत पर बुरी तरह दिखाई दे रहा है. सरकारी महारत्न कंपनी गेल यानी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ( जीएआईएल ) ने गुरुवार सुबह से बेंगलुरु के येलाहांका गैस आधारित पावर प्लांट को प्राकृतिक गैस की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी है. ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ( केपीसीएल ) की ओर से स्थापित 370 मेगावाट क्षमता वाला येलाहांका पावर प्लांट राज्य का एकमात्र गैस आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र है. अधिकारियों ने बताया कि गैस सप्लाई बंद होने से इसके बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है . बेंगलुरु इलेक्ट्रिक सिटी सप्लाई कंपनी( bescom) इस प्लांट से बिजली खरीदती है. अब इसके बंद होने से बेंगलुरु में बिजली सप्लाई प्रभावित हो सकती है और लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ सकता है.
बीते वर्ष दिसंबर से कर रहा था काम
यह पावर प्लांट मुख्य रूप से बेंगलुरु शहर को बिजली आपूर्ति के लिए बनाया गया था. यह बीते वर्ष दिसंबर से लगातार काम कर रहा है. लेकिन पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुई प्राकृतिक गैस की कमी से अब यहां बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है. अधिकारियों ने बताया कि इजरायल — ईरान संघर्ष के कारण देश भर में गैस की कमी हो गई है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने गैस आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों की प्राथमिकता तय की है. इससे कर्नाटक में बिजली उत्पादन पर भारी असर पड़ सकता है .
देश भर में छाया गैस का संकट
देशभर में एलपीजी का संकट पैदा हो गया है. कई गैस एजेंसियों के बाहर रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें दिख रही है. जबकि काफी लोग ब्लैक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं . कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने घरेलू सिलेंडर 4000 रुपए या इससे अधिक देकर खरीदा है. वहीं, कमर्शियल सिलेंडर भी काफी महंगा हो गया है. इसे खाने-पीने की चीजों के दाम काफी बढ़ गए हैं .