
गीत चाँदनी महिला प्रकोष्ठ ने आयोजित किया विश्व महिला दिवस पर परिचर्चा और कवि सम्मेलन
समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह रिपोर्ट

हैदराबाद, 13 मार्च 2026. कवियों की लोकप्रिय संस्था गीत चाँदनी, हैदराबाद के महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम यहां के मौजमजाही मार्केट स्थित आरोग्य हॉस्पिटल, कैलाश डायग्नोस्टिक सेंटर के सेलार सभागार में आयोजित किया गया. इस दौरान आधुनिक युग में नारी की स्थिति पर विशेष परिचर्चा एवं महिला सम्मान समारोह सह कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया.
कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रसिद्ध कवयित्री एवं गायिका आशा ठाकुर, विजयलक्ष्मी बस्वा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ. प्रथम सत्र में आयोजित परिचर्चा में शहर की प्रमुख कवयित्रियों, साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए. इनमें प्रमुख आशा ठाकुर, ममता मिश्रा, डॉ रेखा देवी वर्मा, डॉ. मूकविंदर सिन्हा, आरती कुमारी एवं विजयलक्ष्मी बस्वा शामिल रहीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान संयोजिका डॉ. प्रेमलता ने की एवं मंच संचालन
गीत चाँदनी के कार्यदर्शी कवि गोविंद अक्षय ने किया. इस मौके पर तेलंगाना शासन द्वारा बेस्ट टीचर अवार्ड से सम्मानित कवयित्री डॉ रेखा देवी वर्मा ने कहा कि आज की महिलाएं आत्मनिर्भर हैं और वह हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है . वहीं, समाजसेवी परमानंद बंसल ने मौजूदा समय में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता व्यक्त की. इस अवसर पर नगर की अनेक गणमान्य महिलाएं, समाजसेविकाओं और विशिष्ट अतिथि उपस्थित थी . प्रमुख रूप से भारतीय मराठा महासंघ ( तेलंगाना) की अध्यक्ष सुश्री सुनीता बिरादर, सुमित्रा बंसल, भाजपा महिला प्रकोष्ठ की काजल कुशवाहा, सपना गुप्ता, मराठा समाज हैदराबाद की अरुणा लक्ष्मीकांत शिंदे, कलावती काकड़ा, मीरा गुप्ता, नैना खत्री, मीनाक्षी तिवारी, दयावती यादव, सुमन गोगिकार और कामिनी सिंह समेत अनेक विशिष्ट महिलाएं उपस्थित थी. कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन का संचालन विशिष्ट कवयित्री पुष्पा वर्मा ने किया. इस कवि सम्मेलन में हैदराबाद के अनेक विशिष्ट कवि एवं रचनाकारों ने समसामयिक हालातों और जीवन की विसंगतियों पर आधारित अपने गीत गजल, हास्य व्यंग्य रचनाओं का काव्य पाठ कर श्रुताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया. इस दौरान सभी अतिथियों और रचनाकारों को शाल, पुष्पमाला एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया. वहीं कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाने वाले राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय भारत सरकार के सहायक निदेशक अनूप कुमार की सराहना की गई. अंत में धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ.