बीजेडी में घमासान

राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर बीजेडी में विवाद गहरा गया है . 6 विधायकों ने मुख्य सचेतक के शो — कॉज नोटिस को अवैध बताया है और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है.

भुवनेश्वर, 21 मार्च 2026 . राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर ओड़िशा के क्षेत्रीय पार्टी बीजू जनता दल में घमासान मचा हुआ है. पार्टी के 6 विधायकों ने मुख्य सचेतक द्वारा जारी शो — कॉज नोटिस को अवैध बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि नोटिस नहीं हटाया गया तो वे कानूनी कदम उठाएंगे. जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव के दौरान ओड़िशा में पार्टी लाइन से हटकर मतदान करने के आरोप में इन विधायकों को नोटिस जारी किया गया था. इसके जवाब में विधायकों ने स्पष्ट किया है कि राज्यसभा चुनाव में व्हिप लागू नहीं होता, ऐसे में नोटिस का कोई कानूनी आधार नहीं है. इतना ही नहीं, विधायकों ने यह भी कहा कि यदि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो वे मुख्य सचेतक के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई करने को बाध्य होंगे. इस बीच पार्टी की ओर से कहा गया है कि सभी विधायकों के जवाबों की समीक्षा की जा रही है और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा . हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीजू जनता दल के भीतर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है, जिस राजनीतिक हल्कों में हलचल तेज हो गई है.

ओड़िशा कुक — हेल्पर आंदोलन चौथे दिन हुआ उग्र, बातचीत फेल, प्रदर्शनकारी ने की आत्मदाह की कोशिश ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में ऑल ओडीशा मिड — डे मील कुक — कम — हेल्पर संगठन के सदस्यों का आंदोलन शनिवार को और उग्र हो गया, जब प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा और धरना स्थल पर हालात तनावपूर्ण देखी गई. प्रदर्शनकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर धरना दे रहे हैं और कई रातों से बिना सोए वहीं डटे हुए हैं. यह आंदोलन पिछले तीन महीनों से मानदेय नहीं मिलने तथा वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ है.

बातचीत निकला बेनतीजा, स्थिति बिगड़ी

मामले को सुलझाने के प्रयास सफल नहीं हो सके. प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई . विधायक बाबू सिंह और आश्रित पटनायक ने धरना स्थल पर पहुंचकर धरना दे रहे लोगों से बात की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई . उधर, लगातार प्रदर्शन के कारण कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने की खबर है . एक प्रदर्शनकारी को इलाज के लिए कैपिटल अस्पताल भेजा गया. वहीं, एक गंभीर घटना में एक प्रदर्शनकारी ने आत्मदाह करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की तत्परता से उसे समय रहते रोक लिया गया.

प्रमुख मांगे
संघ ने कई मांगे रखी हैं, जिम बकाया मानदेय का तुरंत भुगतान, वेतन वृद्धि और समान काम के लिए समान वेतन लागू करना शामिल है. जबकि पिछली सरकार द्वारा घोषित एक लाख रुपए की मृत्यु सहायता लागू करने की मांग भी की गई है .