” डर ही सही “.. कर्पूरी ठाकुर को ‘ भारत रत्न ‘ मिलने पर राजद सुप्रीमो लालू यादव इसे वंचितों की जीत बताई.

भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत रत्न देने का ऐलान किया गया है. कर्पूरी ठाकुर को  भारत रत्न देने के फैसले पर राजद प्रमुख  लालू प्रसाद यादव की प्रतिक्रिया भी  सामने आ गई है. उन्होंने इसे  राजद के लंबे संघर्षों की उपलब्धि बताया है. 

 हैदराबाद से  तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट .

 नई दिल्ली/ पटना/हैदराबाद,24 जनवरी, 2024. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तथा दिग्गज  समाजवादी नेता’ कर्पूरी ठाकुर ‘ को भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत रत्न देने का ऐलान किया गया है . कर्पूरी ठाकुर को  भारत रत्न देने के फैसले पर  राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. उन्होंने इसे  राजद के लंबे संघर्षों की उपलब्धि बताया है. राजद प्रमुख  लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, मेरी राजनीतिक और वैचारिक गुरु स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न अब से बहुत पहले मिलना चाहिए था. हमने सदन से लेकर सड़क तक यह आवाज उठाई. लेकिन केंद्र सरकार तब  जागी जब सामाजिक सरोकार की  मौजूदा बिहार सरकार ने  जातिगत जनगणना करवाई और आरक्षण का दायरा बहुजन हितार्थ बढ़ाया. डर ही सही  राजनीति को दलित बहुजन सरोकार पर आना ही होगा. जबकि, राजद नेता और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने  एक वीडियो एक्स पर  पोस्ट करते हुए लिखा, ” बिहार विधानसभा के  शताब्दी वर्ष समारोह में हमने प्रधानमंत्री के समक्ष जननायक  कर्पूरी ठाकुर को  भारत रत्न देकर  देश के किसी भी प्रधानमंत्री के  बिहार विधानसभा में प्रथम आगमन को अधिक यादगार बनाने की मांग रखी थी “. वैसे लालू, नीतीश  जैसे दिग्गजों के मार्गदर्शक रहे भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक न्याय के लिए अथक संघर्ष करने वाले एवं भारतीय राजनीति में एक प्रेरणादायक शख्सियत के रूप में याद किया जाता है. अत्यंत पिछड़े वर्ग ‘ नाई’ समुदाय से  आने वाले कर्पूरी ठाकुर का जन्म समस्तीपुर जिले के एक गरीब परिवार में हुआ था,  लेकिन उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में  ऊंचा मुकाम हासिल किया, जिससे उन्हें  जननायक की उपाधि मिली. कर्पूरी जयंती से एक दिन पहले  देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा में समाजवादी नेता के ” समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन समर्पण और सामाजिक न्याय के लिए उनके अथक संघर्ष ” की सराहना की गई. वर्ष 1924 में जन्मे कर्पूरी ठाकुर  1970 के दशक में बिहार के मुख्यमंत्री बने और उनके कार्यकाल को पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने के अलावा राज्य में पहली बार शराबबंदी लागू करने के लिए याद किया जाता है. हालांकि वर्ष 1988 में उनका निधन हो गया. आरजेडी जननायक कर्पूरी ठाकुर की जन्म शताब्दी  के अवसर पर बुधवार यानी आज शताब्दी समारोह का आयोजन करने जा रहा है. यह आयोजन पटना स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित है.