
कोई बाहुबली का बेटा तो कोई पत्नी, वो तीन बागी विधायक जिन्होंने बिगड़ा तेजस्वी का खेल.

बिहार विधानसभा में राजद की यह तीनों विधायक एनडीए के खेमे में बैठे दिखे. इन तीनों विधायकों ने स्पीकर को पद से हटाने के लिए कराए गए वोटिंग में सत्ता पक्ष के लिए वोट डाला.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.
पटना/हैदराबाद,12 फरवरी 2024. बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार की सरकार का शक्ति परीक्षण होने से पहले ही आरजेडी को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, तेजस्वी यादव गुटके तीन विधायकों ने यानी राजद के विधायक प्रहलाद यादव, नीलम देवी और चेतन आनंद ने अपना पाला बदलते हुए तेजस्वी यादव की पार्टी से किनारा कर लिया. विधानसभा में होने वाले विश्वास मत प्रस्ताव से पहले ही यह तीनों विधायक अपने खेमे में से निकलकर एनडीए के खेमे में जा पहुंचे. आपको बता दें कि, तेजस्वी यादव का साथ छोड़ने वाले इन तीनों विधायक में से दो लोगों का संबंध बिहार के दबंग और बाहुबली परिवार से है. नीलम देवी मोकामा से विधायक हैं, जिनके पति अनंत सिंह हैं . अनंत सिंह मोकामा के विधायक रह चुके हैं . उनको बिहार का रॉबिन हुड भी कहा जाता है. अनंत सिंह भले ही जेल में रहे हो लेकिन बिहार की राजनीति और इलाके में उनका वर्चस्व कम नहीं होता. पाला बदलने वाले दूसरे विधायक हैं प्रहलाद यादव जो सूर्यगढ़ा ( लखीसराय) से राजद के विधायक हैं . प्रहलाद की छवि भी दबंग और बाहुबली है. 1995 से लेकर 2020 तक पांच बार के विधायक हैं एवं लगातार राजद के टिकट पर जीतते रहे हैं. बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा जी जिला से आते हैं, उसी इलाके से प्रहलाद भी राजद के विधायक हैं . आरजेडी का पाला छोड़ पलटी मारने वाले तीसरे विधायक चेतन आनंद है, जो पूर्व सांसद जो आनंद मोहन के बेटे हैं और बिहार की शिवहर सीट से राजद के विधायक हैं . तेजस्वी यादव का साथ छोड़ने से पहले चेतन अपने पिता आनंद मोहन के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास भी पहुंचे थे. नीतीश कुमार से आनंद मोहन और चेतन आनंद की मुलाकात से ही साफ हो गया था कि चेतन आनंद पलटी मारेंगे. आनंद मोहन कुछ ही महीने पहले जेल से रिहा हुए हैं . आनंद मोहन की गिनती 90 के दशक के दबंग और बाहुबली के रूप में होती थी. विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव ने इन तीनों बागी विधायकों का भी जिक्र किया . तेजस्वी यादव ने कहा कि नीलम जी आपने जो निर्णय लिया, हम उसका स्वागत करते हैं. आप महिला हैं, इसीलिए हम कुछ नहीं बोलना चाहेंगे. चेतन आनंद का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि छोटा भाई चेतन जिसे मैं टिकट दिया, इनके पिता के नाम पर नहीं दिया. मजबूरी रही होगी. जिसे मैं यहां बोलना नहीं चाहता. प्रहलाद यादव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आपको धन्यवाद कि इतने दिनों तक आपने हमारी पार्टी का झंडा बुलंद किया.

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तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश जी आदरणीय हैं, लेकिन एक बार तो बता देते कि हम अलग होना चाहते हैं. हम आपको कभी कुछ कहे थे . आपके साथ अच्छे पल को संजो कर रखेंगे. आज तो इतना कर सकते थे कि हमको साथ नहीं रहना है. हम आपको बाहर से समर्थन दे देते. अगर आपको हमसे और हमारे मंत्रियों से दिक्कत थी तो आप जो मोदी जी के विरुद्ध झंडा लेकर चले थे अब आपका भतीजा लेकर पूरे बिहार में चलेगा.
