जदयू का ‘ ऑपरेशन इलाज’ शुरू, सबसे बड़ा एक्शन बीमा भारती पर, पति अवधेश मंडल बीच रास्ते से गिरफ्तार.

जदयू ने अपने बागियों के लिए
‘ ऑपरेशन इलाज ‘ शुरू कर दिया है. यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ताजा हालात बता रहे हैं. फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेकर वापस लौट रही रुपौली की विधायक बीमा भारती के पति अवधेश मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके बाद सियासी माहौल गरम हो गया है.

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.

पटना/हैदराबाद,12 फरवरी, 2024. बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट जीतने के बाद नीतीश सरकार फ्रंट फुट पर आ गई है. जैसा कि बिहार विधानसभा में 12 फरवरी( सोमवार ) को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इशारों में कहा था कि बागियों का जल्द इलाज किया जाएगा. यह अब साफ हो गया है कि एनडीए का बिहार में ऑपरेशन इलाज शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में पहले कोतवाली थाने में जदयू विधायक डॉ संजीव कुमार और तेजस्वी यादव के करीबी संतोष राय पर जदयू के ही दो विधायकों के अपहरण के आरोप में प्राथमिक की दर्ज कराई. यह प्राथमिकी जदयू के हरलाखी के विधायक सुधांशु शेखर ने दर्ज कराई. इस बीच पटना पुलिस ने मोकामा में बड़ी कार्रवाई की है. जदयू विधायक बीमा भारती फ्लोट टेस्ट के दिन सदन में देर से पहुंची थी. बाद में उन्होंने फ्लोर टेस्ट में हिस्सा तो लिया लेकिन सूत्र बताते हैं कि उनके बागी होने की कोशिका का राज पहले ही खुल गया था. बाद में बीमा भारती अपने पति अवधेश मंडल के साथ पूर्णिया के रुपौली वापस लौट रही थी . लेकिन बीच में ही मोकामा पुलिस ने उनके पति अवधेश मंडल को, जो कि उनके साथ जा रहे थे, गिरफ्तार कर लिया . आरोप है कि अवधेश मंडल के गाड़ी में बगैर लाइसेंस के हथियार रखे हुए थे.

फ्लोर टेस्ट की चल ते ही पकड़ा : अवधेश मंडल

अवधेश मंडल के मुताबिक’ हम आगे – आगे आ रहे थे और दो गाड़ी पीछे थी. उसमें लाइसेंसी हथियार था. एक बेटी के नाम पर और दो मैडम के नाम पर. जैसे ही पुल पार किए तो हम लोगों को रोका गया और पुलिस ने गाड़ी में बैठा लिया . कारण पूछने पर कुछ नहीं बताया. यह तो जांच का विषय है कि लाइसेंस सही है या गलत. लाइसेंस हमारे पास है. सही है. लग रहा है कि फ्लोर टेस्ट के चलते ही पकड़ा. लेकिन आर्म्स एक्ट लगा दिया, यह गलत है.

पति की गिरफ्तारी पर भड़की विधायक बीमा भारती

उधर,पति के साथ मौजूद विधायक बीमा भारती गिरफ्तारी के बाद भड़क उठी. उन्होंने कहा हमको जल्दी से मीटिंग में जाना था, हम जाम में फंसे थे. हमने क्या गुनाह कर दिया. कोई अवैध हथियार लेकर जा रहे थे क्या ? क्यों पकड़ा गया अब सरकार बताएं . दबाव दिलवा रही है सरकार. उसकी मर्जी है, कुछ भी कर सकती है. इतना मंत्री को फोन किए, एसपी को फोन किए, डीएसपी से बात हुआ, आईजी से बात हुई. ग्रामीण एसपी से बात हुई. इस तरह से दबाव बनाना कहां का न्याय है. बता दें कि बीमा भारती 2020 चुनाव के बाद से ही पार्टी से नाराज चल रही हैं . उनका नीतीश सरकार की विधायक और पूर्व मंत्री लेसी सिंह के साथ छतीस का आंकड़ा है. इससे पहले भी बीमा भारती लेसी सिंह के खिलाफ मोर्चा खुल चुकी है . उस वक्त बीमा भारती आर या पार के मूड में थी. माना जा रहा है कि राजद ने इसी नाराजगी का फायदा उठाने के लिए बीमा भारती को अपने खेमे में लाने की कोशिश की . लेकिन उससे पहले ही नीतीश को इस बात की भनक लग गई और रविवार की रात से ही बागियों का ऑपरेशन इलाज शुरू हो गया.