पटना में नियोजित शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, भाजपा कार्यालय का घेराव, लाठीचार्ज.

बिहार में नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने के लिए साक्षमता परीक्षा देनी होगी. जिसका विरोध करते हुए नियोजित शिक्षक हजारों की संख्या में मंगलवार को पटना की सड़कों पर उतर आए .

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट

पटना/ हैदराबाद, 13 फरवरी, 2024. बिहार में नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा देने के लिए साक्षमता परीक्षा देनी होगी . इसके विरोध में नियोजित शिक्षक मंगलवार को हजारों की संख्या में पटना की सड़कों पर उतर आए और आंदोलन शुरू कर दिया. शिक्षकों की मांग है कि स क्षमता परीक्षा की बाध्यता समाप्त कर बिना शर्त शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए . आंदोलनकारी शिक्षक पटना के गर्दनीबाग में धरना स्थल पर पहुंचे और जमकर सरकार व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की . सुबह से प्रदर्शन कर रहे शिक्षक शाम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा से मिलने के लिए पटना के बीजेपी कार्यालय के पास पहुंचे और भाजपा कार्यालय का घेराव करके प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. हालांकि पहले पुलिसकर्मियों ने आंदोलनकारी शिक्षकों को समझा – बूझाकर हटाने की कोशिश की लेकिन वे लोग नहीं हटे तब पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया और आंदोलनकारी शिक्षकों को खदेड़ दिया गया. पुलिस की लाठी चार्ज में कई शिक्षकों को चोटें आई है एवं एक दर्जन से अधिक शिक्षकों को पकड़ कर कोतवाली पुलिस लाया गया है. बता दें कि अपनी मांगों को लेकर विधानमंडल के घेराव का आह्वान बिहार शिक्षक एकता मंच ने किया था. जिसमें बिहार के हर जिले से नियोजित शिक्षक, पुस्तकालय अध्यक्ष पटना पहुंचे थे. खबर है कि प्रदर्शनकारी शिक्षकों की संख्या व तेवर को देखते हुए गर्दनीबाग धरना स्थल विधानमंडल के चारों ओर इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था.

सड़कों पर लगा रहा जाम

हजारों की संख्या में शिक्षकों के पहुंचने के कारण राजधानी पटना के गर्दनीबाग, यारपुर पुल, मीठापुर आदि इलाकों में जाम की स्थिति हो गई. सूत्र बताते हैं कि मीठापुर आर ओ बी पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया और इसका असर बुद्ध मार्ग में भी देखा गया. हालांकि, हर जगह पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती थी, इसलिए जाम को तुरंत हटाकर आवागमन को फिर से सुचारू बना दिया गया.