टीएमसी ऑफिशल एक्स हैंडल पर इसे लेकर पोस्ट में कहा गया है कि बंगाल भाजपा नेता सब्यसाची घोष को हावड़ा के सांकराइल में अपने होटल में नाबालिग लड़कियों का सेक्स रैकेट चलाते पकड़ा गया है.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट .
कोलकाता/हैदराबाद,23 फरवरी, 2024. पश्चिम बंगाल पुलिस ने भाजपा नेता सब्यसाची घोष को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. उन पर हावड़ा में सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा है. यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब संदेशखाली मामले को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर बीजेपी लगातार हमलावर है . ज्ञात रहे की कई महिलाओं ने टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. अब बीजेपी पर हमला बोलते हुए टीएमसी दावा कर रही है कि भगवा दल नेता की ओर से सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी का कहना है कि बंगाल पुलिस ने इस प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो हावड़ा में सब्यसाची घोष के होटल में चलाया जा रहा था. राज्य में सत्ताधारी दल ने भाजपा पर महिलाओं को नहीं बल्कि दलालों को बचाने का आरोप लगाया है.

संदेशखाली को लेकर आरोप- प्रत्यारोप जारी

दूसरी तरफ, संदेशखाली मामले को लेकर बीजेपी लगातार टीएमसी पर हमलावर है . भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा, पश्चिम बंगाल इस समय प्रताड़ित, दुखी और अत्याचार से पूरी तरह से टूटी हुई महिलाओं के कारण स्वरों द्वारा छलनी हो रही है . दुख की बात है कि वहां की सरकार इस विषय पर अत्यंत और असंवेदनशील और अमानवीय रवैया अपना रही है. आज ही भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी को वहां जाने से रोका गया और अब सरकार ने वहां धारा 144 लागू कर दी है.कल हमारे प्रदेश अध्यक्ष को बलपूर्वक वहां जाने से रोका गया और वहां की एसआईटी महिलाओं को न्याय दिलाने की जगह उन पर दबाव डालने का प्रयास किया गया, ताकि वह इस विषय को आगे ना बढ़ाएं . दरअसल, सांसद लॉकेट चैटर्जी और विधायक अग्निमित्र पाल के नेतृत्व वाली बीजेपी टीम को पुलिस ने संदेशखाली जाने से रोक दिया. इसे लेकर निषेध आज्ञा का हवाला दिया गया है. इस पर टीएमसी नेता कुणाल घोष का कहना है कि सांसद लॉकेट चैटर्जी अपने चुनाव क्षेत्र में नहीं जाती है और फोटो शूट करने के लिए संदेशखाली चली गई. दिल्ली से निर्देश आया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल आ रहे हैं, तब तक संदेशखाली मुद्दे को जीवित रखना है. पश्चिम बंगाल में भाजपा कमजोर है इसलिए आयोग को यहां भेज रहे हैं.