सौरभ गांगुली ने ममता बनर्जी से सचिवालय में मुलाकात की है . करीब आधे घंटे तक चली इस मुलाकात में क्या चर्चा हुई है इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान तो नहीं आया है लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि दादा टीएमसी की टिकट पर पश्चिम बंगाल से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट.
कोलकाता/हैदराबाद, 6 मार्च, 2024. पूर्व भारतीय कप्तान तथा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ( सीएबी ) के अध्यक्ष सौरभ गांगुली क्रिकेट के बाद अब राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ” दादा” के नाम से मशहूर सौरभ गांगुली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस( टीएमसी ) की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे . सूत्रों के मुताबिक बुधवार यानी 6 मार्च को सौरभ गांगुली ने सीएम ममता बनर्जी से सचिवालय में करीब आधे घंटे तक मुलाकात की है. हालांकि दादा पश्चिम बंगाल की किस सीट से चुनाव लड़ेंगे इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. सूत्रों की माने तो पिछले कुछ समय से ममता बनर्जी और सौरभ गांगुली को कई अवसर पर साथ देखा गया है. कोलकाता में बंगाल ग्लोबल बिजनेस समीर 2023 के दौरान सौरभ गांगुली को ” बंगाल का ब्रांड एंबेसडर ” घोषित किया गया था. 1 साल पहले अनिच्छुक सौरभ गांगुली को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( बीसीसीआई) के अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था. उनकी जगह पूर्व दिग्गज गेंदबाज रोजर बिन्नी को नया अध्यक्ष चुना गया था . मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांगुली को भाजपा विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में राजनीति में उतारना चाहती थी. लेकिन दादा ने तब राजनीति में आने से मना कर दिया था. नतीजन बीजेपी को विधानसभा चुनाव में मुंहकी खानी पड़ी थी और तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी का सुपडा साफ कर दिया था. हालांकि भाजपा नेताओं के साथ गांगुली की निकटता की अफवाहें तब बढी जब उनकी सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई. जिसमें वह राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार के साथ गृह मंत्री अमित शाह के साथ घर पर भोजन कर रहे थे. बता दें कि बंगाल में लोकसभा की कल 42 सीटें है. 2019 की लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीट पर जीत दर्ज की थी . जबकि भाजपा ने 18 और कांग्रेस के खाते में 2 सीटें आई थी. इस बार ” इंडिया” गठबंधन के तहत कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं.