ओड़िशा विधानसभा में हो- हल्ला, बीजेपी और कांग्रेस विधायकों में भिड़ंत

ओड़िशा विधानसभा में हो- हल्ला, बीजेपी और कांग्रेस विधायकों में भिड़ंत

भुवनेश्वर / हैदराबाद, 14 मार्च, 2025 . ओड़िशा विधानसभा में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के विधायक सदन के अंदर में ही भिड़ गए. मामला इस कदर नियंत्रण से बाहर हो गई कि विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढी को कार्यवाही कुछ समय तक के लिए स्थगित करनी पड़ी . विधानसभा में तनाव तब बढ़ गया जब भाजपा की वरिष्ठ विधायक जय नारायण मिश्रा, कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद वाहिनीपति की तरफ आगे बढ़े. उस समय कांग्रेस विधायक वाहिनीपति शहरी विकास मंत्री केसी महापात्रा के सामने खड़े थे और मंत्री किसी सवाल का जवाब दे रहे थे.

अचानक विधायक मिश्रा आए और मेरा कॉलर पकड़ ली ‘

कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा, भाजपा के वरिष्ठ विधायक जय मिश्रा ने मेरे शर्ट का कॉलर पकड़कर मुझे धक्का मार दिया. मैं मंत्री महापात्र से हाथ जोड़कर निवेदन कर रहा था कि जब सदन में व्यवस्था नहीं है तो वह जवाब ना दें. लेकिन अचानक भाजपा विधायक जय नारायण मिश्रा मेरे पास आए और मेरा कॉलर पकड़ ली . बाद में, सत्ता पक्ष और कांग्रेस के अन्य सदस्यों के बीच भी कुछ कहा सुनी हुई.
इसके बाद अध्यक्ष पाढी ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी . इस दौरान सदन में खूब हो हल्ला हुआ और भाजपा व कांग्रेस के विधायक एक दूसरे को धकियाते दिखे .

बीजद विधायकों ने सीएम मांझी से की बयान देने की मांग

इस दौरान सदन में मौजूद बीजू जनता दल के विधायक इस झमेला से दूर रहे. हालांकि, विपक्षी बीजद और कांग्रेस विधायकों ने अलग-अलग मुद्दे भी उठाए. वहीं, बीजद के विधायकों ने जय मिश्रा की उसे टिप्पणी पर मुख्यमंत्री मोहन माझी से बयान देने की मांग उठाई जिसमें भाजपा विधायक जय मिश्रा ने 1936 में तत्कालीन कौशल के ओड़िशा में विलय को ‘ ऐतिहासिक गलती ‘ करार दिया था, जबकि कांग्रेस विधायक राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर विरोध कर रहे थे. लगातार विधानसभा में हो हल्ला देखने को मिला है. बता दें कि, विपक्ष के विरोध के बीच अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने लगभग 30 मिनट तक सदन में प्रश्नकाल चलने दिया.
मुख्यमंत्री के लगातार दो दिनों से सदन में उपस्थित न रहने को लेकर बीजू जनता दल विधायकों ने विधानसभा परिसर में लालटेन लेकर सांकेतिक रूप से विरोध दर्ज कराया . बीजेडी के विधायकों ने मुख्यमंत्री के कक्ष के बाहर धरना भी दिया. सियासी जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ओड़िशा में
गतिरोध और बढ़ सकता है.