किसकी गलेगी दाल और कौन बनेगा बड़ा भाई ? समझिए महा गठबंधन और एनडीए के सीटों का सियासी गणित
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट-
बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है. दोनों गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर अभी से ही सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है
पटना/ हैदराबाद, 15 मार्च, 2025. बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला महागठबंधन और सीएम नीतीश कुमार की नेतृत्व वाले एनडीए के बीच माना जा रहा है. गठबंधन में शामिल दलों ने भी हर सीट के लिए प्लानिंग शुरू कर दी है. टिकट की चाह में संभावित उम्मीदवार अभी से ही अपने की पैरवी में जुट गए हैं. एक ओर एनडीए में शामिल दाल स्पष्ट करते हुए लगातार यह कह रहे हैं कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनावी मैदान में उतरने के प्लान में हैं . दूसरी तरफ महागठबंधन में अभी नेतृत्व को लेकर खींचतान जारी है. कांग्रेस लगातार यह दावा कर रही है कि चुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन अपने मुख्यमंत्री का ऐलान करेगी. इस बीच वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी ने 60 सीटों के साथ-साथ डिप्टी सीएम के पद पर भी अपना दावा ठोक दिया है . जबकि राजद का दावा है कि विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.
6=5 का क्या है सियासी मतलब
हालांकि, चुनाव होने में अभी काफी वक्त है मगर दोनों गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान ऐसी मची दिखाई दे रही है जैसे आपसी तालमेल खत्म हो गया है. मगर सियासी नब्ज को समझने वाले इस बात को जानता है कि जब चुनाव आता है तो इस तरह के बयान देकर गठबंधन में अपने सहयोगियों के साथ प्रेशर पॉलिटिक्स की जाती है. चलिए समझते हैं कि 6=5 का क्या मतलब निकलता है. तो इसका सीधा सा अर्थ है – महागठबंधन में जहां 6 दल ( राजद, कांग्रेस, भाकपा माले लिबरेशन, भाकपा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, वीआईपी. वहीं, एनडीए में 5 दल जदयू- भाजपा, लोजपा ( आर ), हम, व आरएलएम शामिल है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव से पहले जब दोनों गठबंधनों में सीटों का बंटवारा होगा तो किसके हिस्से में कितनी सीट आती है.