तेलंगाना में ओबीसी के लिए 42% आरक्षण, रेवंत रेड्डी के ऐलान के बाद लगी विधानसभा की मुहर
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनावों के बीच अब 42 % सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होंगी . सोमवार को सीएम रेवंत सरकार के वादे के मुताबिक, विधानसभा में लोकल बॉडी की सीटों के आरक्षण में बदलाव करने वाला बिल पारित हो गया. कांग्रेस ने चुनाव में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने का वादा किया था
हैदराबाद, 17 मार्च, 2025. तेलंगाना में रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने सोमवार को एक बड़े चुनावी वादे को पूरा कर दिया. कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद जाति जनगणना कराने का ऐलान किया था. पार्टी ने कहा था कि वह जनगणना के बाद ओबीसी के आरक्षण को बढ़ाएगी. जातिगत सर्वे में ( अन्य पिछड़े वर्ग ) ओबीसी में 56.33 फ़ीसदी सामने आई थी. इसके बाद रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में नए जाती सर्वेक्षण का सारांश पेश किया था. तब उन्होंने पंचायत और नगर पालिका चुनावों में पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को कांग्रेस 42 फ़ीसदी टिकट देने का ऐलान किया था . रेवंत रेड्डी के ऐलान के मुताबिक, सोमवार को विधानसभा में ओबीसी के लिए
42% सीटें आरक्षित करने का बिल पारित हो गया. बिहार के बाद तेलंगाना दूसरा राज्य है, जिसने जातिगत सर्वे कराया है. चर्चा के बाद पारित हुआ विधेयक + सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री रेवंत सरकार की तरफ से तेलंगाना पिछड़ा वर्ग ( ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में सीटों का आरक्षण ) विधेयक, 2025 पेश किया गया. इस बिल को चर्चा के बाद पारित कर दिया गया. इसे ध्वनिमत से पारित किया गया. सत्र के दौरान तेलंगाना अनुसूचित जाति( आरक्षण का युक्तिकरण ) विधेयक, 2025 और तेलंगाना पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति शैक्षणिक संस्थानों में सीटों और राज्य के तहत सेवाओं में नियुक्तियों या पदों का आरक्षण) विधेयक, 2025 रखे गए. पिछला वर्ग के आरक्षण की चर्चा पर बीआरएस करीमनगर विधायक गांगुला कमलाकर ने विस्तार से बताया कि तमिलनाडु में बीसी आरक्षण को सफलतापूर्वक कैसे लागू किया जा रहा है ?
मंत्री बोले– सरकार के संकल्प पर रखें भरोसा
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोनन्म प्रभाकर ने बीआरएस से सर्वेक्षण पर संदेह न करने और तेलंगाना में पिछड़ा वर्ग के लिए 42% आरक्षण लागू करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर भरोसा रखने का आग्रह किया .
उन्होंने कमलाकर से राज्य सरकार के साथ मिलकर एनडीए सरकार पर तेलंगाना को संविधान की अनुसूची 9 के तहत लाने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया, ताकि तेलंगाना में 42% पिछड़ा वर्ग आरक्षण लागू किया जा सके. जबकि सिद्धिपेट के विधायक टी हरीश राव ने कहा कि अब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि हंड्रेड कांग्रेस सांसदों को तेलंगाना और पूरे देश में पिछड़ा वर्ग आरक्षण हासिल करने के लिए संघर्ष करने प्रेरित करें. एआइएमआइएम के फ्लोर लीडर, जिन्होंने बीसी आरक्षण बिल के लिए अपना समर्थन दिया.