बिहार की राजनीति में नया मोड़! लालू यादव की इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंचे कांग्रेसी नेता, उठने लगे सियासी सवाल
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह रिपोर्ट.
बिहार महागठबंधन में सब ठीक है? बिहार की राजनीति में सवाल उठ खड़े हुए हैं और हलचल तेज है, क्योंकि लालू यादव की इफ्तार पार्टी में कांग्रेस के बड़े नेता नहीं पहुंचे. राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सफाई में जो बात कही वह चौंकाने वाली है
पटना/ हैदराबाद, 24 मार्च, 2025. क्या बिहार की राजनीति में नया मोड़ आ रहा है? क्या महागठबंधन में सब ठीक है? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इफ्तार दावत में मुस्लिम संगठनों के बॉयकॉट को लेकर जो राजनीतिक सनसनी मची थी, उसकी अगली कड़ी में महागठबंधन में कुछ सियासी खलबली देखने को मिल रही है. अटकलें का बाजार गर्म हो गया क्योंकि लालू प्रसाद यादव की दावत ए इफ्तार में कई मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि को पहुंचे, लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार और बिहार प्रभारी कृष्ण अल्लावरु नहीं पहुंचे. खास बात यह रही कि कांग्रेस का कोई भी बड़ा चेहरा लालू यादव की इफ्तार पार्टी में शामिल नहीं हुआ. जाहिर तौर पर बिहार की राजनीति का यह बड़ा घटनाक्रम कहा जा रहा है. हालांकि, कांग्रेस की विधायिका
प्रतिमा दास इफ्तार में पहुंची थी, लेकिन किसी बड़े चेहरे के नहीं आने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. खास बात यह रही कि इस मसले को लेकर राजद के नेता बोलने से बचते रहे . आमतौर पर बेबाकी से अपनी बात रखने वाले विधायक भाई वीरेंद्र से जब पूछा गया तो उन्होंने इसे अब्दुल बारी सिद्दीकी से इसकी वजह जानने को कह दिया.
जब मीडिया कर्मियों ने अब्दुल बारी सिद्दीकी से सवाल किया तो उन्होंने जो इसका जवाब दिया वह भी काफी चौंकाने वाला रहा. बता दें कि अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास पर ही यह इफ्तार पार्टी आयोजित थी और उसमें लालू प्रसाद यादव के साथ तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी पहुंचे. इसके अतिरिक्त कई अन्य नेता भी पहुंचे, लेकिन कांग्रेस का कोई भी बड़ा चेहरा नहीं पहुंचा. अब्दुल बारी सिद्दीकी से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने सफाई देने के लहजे में कहा कि रमजान का अंतिम दौर चल रहा है. वे लोग ( कांग्रेस नेता) अपने क्षेत्र में इफ्तार कर रहे होंगे.
सभी को हर जगह शामिल होना होता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई विधायक और विधान पार्षद पहुंचे थे.
इस सियासी सवाल के बीच तब और हलचल मच गई, जब लालू प्रसाद यादव की इस इफ्तार पार्टी में विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी भी नहीं पहुंचे. राजद के प्रमुख समर्थक मुकेश सहनी के इफ्तार पार्टी में नहीं पहुंचने पर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया. हालांकि, कुछ देर बाद इफ्तार पार्टी में मुकेश सहनी के नहीं आने को लेकर सफाई दी गई. पार्टी की ओर से कहा गया कि वीआईपी की ओर से मुजफ्फरपुर में पहले से इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था, किस कारण मुकेश सहनी की मौजूदगी वहां रही. बहरहाल, दूसरी ओर चिराग पासवान की इफ्तार पार्टी में कई मुस्लिम संगठनों के लोग तो नहीं आए, लेकिन बड़ी संख्या में रोजेदारों ने इसमें शिरकत की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं इफ्तार पार्टी में पहुंचे थे, लेकिन चर्चा इस बात की होती रही कि आखिर कांग्रेस की लालू प्रसाद यादव की इफ्तार पार्टी में कांग्रेस का कोई भी बड़ा चेहरा क्यों नहीं पहुंचा.