डॉ अखिलेश निगम ‘ अखिल ‘के नाम कविता की एक शाम

हैदराबाद, 24 मार्च, 2025. गीत चाँदनी और हिंदी लेखक संघ- गोलकोंडा दर्पण ( पत्रिका) के संयुक्त तत्वावधान में ‘ कविता की एक शाम, डॉ अखिलेश निगम ‘ अखिल’ के नाम कार्यक्रम का आयोजन हैदराबाद के मौजमजाही मार्केट स्थित डॉ मोहन गुप्ता के आरोग्य अस्पताल के कैलाश डायग्नोस्टिक सेंटर सभागृह आबिड्स में संपन्न हुआ.
गीत चाँदनी के अध्यक्ष गीतकार चंपालाल बैद ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की एवं गीत चाँदनी के कार्यदर्शी व गोलकोंडा दर्पण के संपादक कवि गोविंद अक्षय ने मंच संचालन किया और संस्थाओं से परिचय कराया.
उन्होंने कहा कि सम्माननीय अतिथि कवि डॉ अखिलेश निगम अखिल का जन्म 5 अगस्त 1966 को लखनऊ( यूपी ) में हुआ. आप मुख्यतः गीत गजल, छंद, दोहा, नई कविता, हास्य- व्यंग्य, कहानी, लेख, लघुकथा समीक्षा एवं संस्मरण आदि विधाओं में अपनी रचनाएं निरंतर लिखते रहते हैं. उनकी अब तक 20 से अधिक कृतियां अलग-अलग विधाओं में प्रकाशित हो चुकी है. वहीं उन्हें देशभर की साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा 50 से अधिक विशिष्ट सम्मान सह मानद उपाधियां प्राप्त हुई है. इतना ही नहीं उन्होंने समाज में हो रही नशाखोरी के विरुद्ध व्यापक जन जागरण अभियान भी चलाया है. संप्रति में अखिल जी सीबीसीआईडी लखनऊ में पदस्थ हैं . कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी डॉ मोहन गुप्ता, राजेंद्र कुमार अग्रवाल, ठाकुर अमरदीप सिंह, राजेश सिंह वर्मा, शोभा दुबे बतौर विशेष अतिथि मंच पर आसीन थे. इस मौके पर आयोजित कवि गोष्ठी में कवि संतोष कुमार मिश्र माधुर्य ( उपाध्यक्ष) ने स्वरचित सरस्वती वंदना से काव्य गोष्ठी का आरंभ किया. इस अवसर पर डॉक्टर अखिलेश निगम ‘ अखिल ‘ ने हिंदी भाषा और साहित्य का समावेशी युग ‘ और नशा मुक्ति पर अपने विचार प्रस्तुत किए. उन्होंने गीत चाँदनी की सराहना की और कहा, यह संस्था साहित्य के लिए अलख जागने का निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने संस्थाओं से भी अनुरोध किया कि वह नशा मुक्ति का संकल्प लें. नशे से परिवार तबाह होते हैं एवं 90% अपराध होते हैं वहीं नशाखोरी समाज को खोखला बना देती है. इस मौके पर समाज सेविका शोभा दुबे, विभा भारती व श्रुतिकांत भारती ने भी अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि नशा एक ऐसी बुरी लत है, जिससे अपराध बढ़ते हैं. कार्यक्रम के दौरान डॉ अखिलेश निगम ‘ अखिल ‘, और समाजसेवी डॉ मोहन गुप्ता का शाल व पुष्प माला भेंटकर सम्मानित किया गया. आयोजित कभी गोष्ठी में कवि अंजनी कुमार गोयल, सादुल्लाह खाँ सबील, विशिष्ट कवि राजकुमार यादव, शिवकुमार तिवारी कोहिरी, कवि गोविंद अक्षय, चंपालाल बैद,आर. दुर्गाराज पटून, सत्यनारायण काकड़ा, अनुज कुमार तिवारी, सुनील मिश्रा, डी. प्रेमराज, ठाकुर दिनेश सिंह, ठाकुर अमरदीप सिंह, डॉ अखिलेश निगम ‘ अखिल ‘, अनिल कुमार गुप्ता, डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव एवं रत्नकला मिश्र आदि कवियों ने काव्य पाठ कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए . अंत में धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ.