कॉमेडी पर कोहराम ! कुणाल कोमरा के गाने पर महाराष्ट्र में सियासी संग्राम
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट

कुणाल कमरा ने अपनी कॉमेडी के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पर कथित रूप से अभद्र गाने गए थे . इस पर शिवसेना कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने कमरा के खार स्थित दफ्तर में तोड़फोड़ कर दी. इस पूरे घटनाक्रम के बाद , सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहुत से तेज हो गई है.
मुंबई/ हैदराबाद, 25 मार्च, 2025. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को लेकर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के बयान से सियासी हलचल तेज है. शिवसैनिकों ने मुंबई के खार इलाके में स्थित कामरा के स्टूडियो में तोड़फोड़ की थी और उस होटल पर भी हमला बोला था, जिसमें कथित तौर पर कॉमेडियन ने यह वीडियो शूट किया था. तोड़फोड़ के इस मामले में शिवसेना युवा सेना के महासचिव राहुल कनाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में शिवसेना के 11 लोगों को अरेस्ट किया है. राहुल कुणाल को खार पुलिस स्टेशन में सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था . लेकिन थोड़ी देर बाद वह थाने से बाहर निकल गए . उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए फिर से बुलाया गया . जानकारी के मुताबिक, तोड़फोड़ मामले में खार पुलिस ने कल 19 लोगों को नामजद किया था और 15 से 20 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज है ऐसा पुलिस अधिकारियों का कहना है. मैं मुझे बहुत पहले से जानता हूं, वह हम पर भी ऐसी टिप्पणी करते थे’, कुणाल कामरा के बचाव में बोले संजय राउत
शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा,’ मैं कुणाल कामरा को लंबे समय से जानता हूं. वह हम पर भी इसी तरह की टिप्पणी करते थे. हालांकि, मेरा मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. अगर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए, अगर टिप्पणी किसी राजनीतिक विचारधारा पर है, तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए. यह हमारे देश के लोकतंत्र की खूबसूरती है. कुणाल कामरा के ऑफिस, स्टूडियो में तोड़फोड़ की गई, यह गुंडागर्दी है. स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के एक वीडियो ने महाराष्ट्र में सियासी घमासान मचा दिया है. सत्ता पक्ष लगातार उन पर हमलावर हैं . डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के समर्थक
तो कुणाल कामरा को पीटने की धमकियां दे रहे हैं. वहीं, शिवसेना ( यूबीटी ) के नेता संजय राउत ने कुणाल कामरा का बचाव किया है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता करार दिया है.
कुणाल कामरा का माफी मांगने से इनकार, शिवसेना बोली अपमान सहन नहीं करेंगे, अपने स्टाइल में देंगे जवाब
कुणाल कामरा ने सोमवार को एक बयान जारी कर, जिस जगह कॉमेडी शो को रिकॉर्ड किया गया था, वहां हुई तोड़फोड़ की आलोचना की है . कामरा के माफ़ी ना मांगने के बयान के बाद शिवसेना( शिंदे ) की प्रक्रिया भी आई है . पार्टी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गुलाब रघुनाथ पाटिल ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया, ” वह माफी नहीं मांगेंगे तो हम अपने स्टाइल से उन्हें बताएंगे. वह माफी नहीं मांगता है तो बाहर आएगा ? कहां छिपेगा? सरकार क्या करेगी यह तो मुख्यमंत्री ने बता दिया है, शिवसेना अपना रुख अपनाएगी. ” पाटिल ने कहा कि वह अपनी पार्टी के नेता का अपमान सहन नहीं करेंगे . 36 वर्षीय कॉमेडियन ने अपनी एक ताजा शो में एक लोकप्रिय हिंदी फिल्म के गाने की पैरोडी बनाकर शिंदे के राजनीतिक कैरियर पर कटाक्ष किया था इसके बाद महाराष्ट्र में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया. कुणाल कामरा ने शो की रिकॉर्डिंग बीते रविवार को अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट की थी. इस पोस्ट को अब तक 34 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है. लेकिन शिवसेना ( शिंदे) के कार्यकर्ताओं ने रिकॉर्डिंग की जगह तोड़फोड़ की थी और कामरा को माफी मांगने या नतीजे भुगतने की धमकी दी है. लंबे अंतराल के बाद कुणाल कामरा ने यह वीडियो डाला है. उन्होंने अपना पिछला वीडियो 5 महीने पहले पोस्ट किया था. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ” कुणाल कामरा को अपनी निम्न स्तरीय
कॉमेडी के लिए माफी मांगनी चाहिए .
कुणाल कामरा ने अपने बयान में क्या कहा
हंगामें, तोड़फोड़ और धमकियों के 24 घंटे बाद उन्होंने कहा, माफी नहीं मांगेंगे. मैं वही कहा जो अजीत पवार और एकनाथ शिंदे के बारे में कहा था. मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं बिस्तर के नीचे छिपकर मामला शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा. सबक सिखाने की धमकी देने वाले नेताओं को संबोधित करते हुए कुणाल कामरा ने कहा” बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार केवल ताकतवर और धनी लोगों की चापलूसी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज के मीडिया ने हमें ऐसा ही बताया हो. एक ताकतवर शख्सियत की कीमत पर एक मजाक को बर्दाश्त करने की आपकी क्षमता, मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती. हालांकि, मेरे खिलाफ किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए मैं पुलिस और कोर्ट का सहयोग करने को तैयार हूं लेकिन क्या उन लोगों पर भी निष्पक्ष और बराबर कानून लागू होगा, जिन्होंने कॉमेडी से आहत होकर तोड़फोड़ को वाजिब प्रतिक्रिया मान लिया? क्या यह बिना चुने हुए नगर निगम के सदस्यों पर भी लागू होगा जो बिना किसी पूर्व सूचना के हैबिटेट पर पहुंचे और हथौड़ों से उस जगह को तोड़ डाला ?.