‘ डॉक्यूमेंट ‘ नहीं है तो भी वक्फ की ही होगी जमीन

हैदराबाद, 31 मार्च, 2025. केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक पर देश के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी लगातार इस बिल के खिलाफ मुखर हैं और प्रदर्शन भी कर रहा है. लेकिन अब तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के मीर आलम मस्जिद में ईद की नमाज से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रेसिडेंट मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि कोई जमीन जो वक्फ की जमीन है और उसका डॉक्यूमेंट नहीं भी है तो भी वह वक्फ की ही जमीन होगी. रहमानी ने कहा, शाहजहां के वक्त की जामा मस्जिद के डॉक्यूमेंट कहां से मिलेगा. क्या यह हमसे लिया जा सकता है. हमारे भाइयों के तिरुपति मंदिर के डॉक्यूमेंट कहां से लाए जाएंगे ? मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा- क्या गैर मुस्लिम हमारे कमेटी में रहकर हमारे लिए इंसाफ कर पाएंगे? अगर कोई वक्फ की जमीन पर12-13 साल से किसी ने कब्जा लिया है तो नाजायज कब्जा होने के बावजूद जमीन उसी के नाम हो जाएगी. कोई आज मुसलमान हो या 50 साल से ही क्यों ना हो. हमारे लिए वह एक है. लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि 5 साल तक जब तक वह साबित न कर दे कि वह इस्लामिक प्रीचर है, वह वक्फ नहीं कर सकता. ” मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा, ” हमारे निजाम ने कोई भेदभाव नहीं रखा. जितना निजाम मुसलमान के लिए किया, उतना ही हिंदुओं के लिए भी किया. वैसे हिंदू राजा रजवाड़ों ने मुसलमान के लिए जमीन दी थी. लेकिन अब की वक्फ के बिल से ऐसी जमीनें निकल जाएगी.